Janmashtami 2026 : उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर आस्था और उत्सव का माहौल है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूजा-अर्चना की और ब्रजवासियों व श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की। जन्मस्थान पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत पर समय-समय पर कई आक्रमण हुए, लेकिन सनातन की आस्था को कोई समाप्त नहीं कर सका।
योगी ने कहा कि जिन लोगों ने सनातन की आस्था को मिटाने का दुस्साहस किया, वे खुद इतिहास में मिट गए। आज उनका नाम लेने वाला भी कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के संदेश हजारों साल बाद भी समाज और मानवता के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं।
Janmashtami 2026
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की आस्था भगवान श्रीकृष्ण, भगवान राम, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी में है। इसके बाद उन्होंने विपक्षी दलों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन लोगों की आस्था बाबर और औरंगजेब में है, क्या वे समाज की आस्था का सम्मान कर पाएंगे?
योगी ने आरोप लगाया कि ऐसे लोग समाज में विभाजन और तनाव पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बहन-बेटियों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं करेगी और ऐसे लोगों के मंसूबों को पूरा नहीं होने देगी।
विकसित करने की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर अच्छा नहीं लगता, वे अयोध्या को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मथुरा-वृंदावन में भी अयोध्या और काशी की तरह भव्य परिसर विकसित किए जाएं। CM योगी ने कहा कि ब्रजभूमि को लोगों की भावनाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा और इसके लिए सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी। जन्माष्टमी के अवसर पर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। तड़के हुई मंगला आरती में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। मंदिर परिसर में महिलाओं ने ढोल-मंजीरों और शंख की धुन पर नृत्य किया।
श्री अयोध्या धाम में दुनिया का विशालतम मंदिर बन गया है…
हमारा प्रयास है कि मथुरा-वृंदावन में भी वैसे ही भव्य परिसर तैयार हों, जैसे श्री अयोध्या धाम और काशी में हुए हैं… pic.twitter.com/CNlbk3r0m3
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 4, 2026
प्रशासन के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन पहुंचे हैं। काशी और नोएडा समेत कई शहरों के इस्कॉन मंदिरों में भी जन्माष्टमी को लेकर भक्तों की भीड़ देखी जा रही है।
रात 12 बजे होगा श्रीकृष्ण का जन्म
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में रात 12 बजे जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन होगा। इससे कुछ मिनट पहले मंदिर के पट बंद किए जाएंगे। गर्भगृह में पर्दे के पीछे भगवान कृष्ण का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। उन्हें पंचरत्नी पीतांबरी पोशाक पहनाई जाएगी और रत्न-जड़ित मुकुट व आभूषणों से सजाया जाएगा। भगवान के जन्म के समय उज्जैन से आए डमरू और मृदंग वादक मंगल ध्वनि और आनंद संकीर्तन करेंगे। जन्म के बाद पर्दा खुलेगा और भगवान की आरती की जाएगी। इसके बाद प्रतिमा को गर्भगृह से बाहर लाकर श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे।
जन्मोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का विशेष अभिषेक किया जाएगा। सोने से सजी चांदी की कामधेनु से दूध अर्पित किया जाएगा। इसके बाद भगवान को चांदी के कमल पर विराजमान कर पंचामृत स्नान कराया जाएगा। जन्मोत्सव और अभिषेक समारोह का LED स्क्रीन के साथ टीवी चैनलों पर सीधा प्रसारण भी किया जाएगा, ताकि मंदिर परिसर के बाहर मौजूद श्रद्धालु भी इस आयोजन को देख सकें।
12:45 बजे होगी शयन आरती
जन्मोत्सव और अभिषेक के बाद रात करीब 12:45 बजे भगवान की प्रतिमा को दोबारा गर्भगृह में विराजमान कराया जाएगा। इसके बाद शयन आरती होगी और मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। जन्माष्टमी के लिए श्रीकृष्ण जन्मभूमि के गर्भगृह को करीब 200 किलो चांदी और आकर्षक फूल-पत्तियों से सजाया गया है। मंदिर परिसर में जन्मोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने हजारों वर्ष पहले जो संदेश दिए थे, उनकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अयोध्या और काशी में जिस तरह धार्मिक और सांस्कृतिक विकास के काम हुए हैं, उसी तरह ब्रजभूमि के विकास के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध है।
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