Weather Update : देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिल रहा है। कहीं इस बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली है तो कहीं यह मौसम किसानों और आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। खासतौर पर बिहार और उत्तर प्रदेश में तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने नुकसान पहुंचाया है। राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में बीते दिनों हुई बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है।
तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को मार्च में पड़ रही शुरुआती गर्मी से राहत मिली है। साथ ही बारिश के कारण प्रदूषण के स्तर में भी कमी देखने को मिली है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते सोमवार को भी दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
Weather Update
बिहार में पिछले दो दिनों से मौसम का रुख काफी उग्र बना हुआ है। कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित किया है। बिजली गिरने की घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब दस लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों और मक्का जैसी फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने बिहार के कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। अररिया, किशनगंज, मधुबनी, शिवहर, सीतामढ़ी और सुपौल में अगले 24 घंटों के दौरान तेज हवा के साथ बारिश और मेघ गर्जन की संभावना जताई गई है।
इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं राजधानी पटना सहित अन्य क्षेत्रों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
UP में भी दिखा पश्चिमी विक्षोभ का असर
उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। कई जिलों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में आने वाले घंटों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। बरेली, मुरादाबाद, रामपुर और अमरोहा जैसे जिलों में शाम के समय गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के ताजा प्रभाव के कारण इन इलाकों में मौसम ठंडा बना रह सकता है और बादलों की आवाजाही भी जारी रह सकती है।
गर्मी से राहत
मौसम में आए इस बदलाव का सबसे बड़ा असर तापमान पर पड़ा है। कई राज्यों में पारा सामान्य से नीचे आ गया है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक देश के किसी भी हिस्से में हीटवेव चलने की संभावना नहीं है। हालांकि दक्षिण भारत के केरल, तटीय कर्नाटक और गोवा जैसे क्षेत्रों में उमस भरा मौसम बना रह सकता है।
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