शनि देव को न्याय का देवता कहा जाता है वह व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार भापते हैं, उसके अनुसार फल देते हैं वह किसी को लेकर भेदभाव नहीं करते इसीलिए उन्हें न्याय का देवता कहा जाता है। शनि देव की कृपा पाने का सबसे उत्तम दिन शनिवार माना जाता है। शनि देव का हिंदू धर्म में बहुत ही ऊंचा स्थान है उन्हें हिंदू धर्म में बहुत ही पूजनीय माना जाता है। कहा जाता है शनिवार शनिदेव को समर्पित किया गया है इस दिन अगर आप शनिदेव के कुछ खास मंत्रों का जाप करते हैं तो उनकी कृपा आप पर बरसती है। इसके साथ ही शनिदेव की साढ़ेसाती और ढेय्या से आप बच सकते हैं। यह कार्य जरूर करना चाहिए।
1. शनि मूल मंत्र –
ॐ शं शनैश्चराय नमः।
2. शनि बीज मंत्र –
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।
3. शनि गायत्री मंत्र –
ॐ सूर्यात्मजाय विद्महे मृत्युरूपाय धीमहि तन्नः सौरिः प्रचोदयात्॥
4. शनि प्रणाम मंत्र –
ॐ नीलांजन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्।
छाया मार्तण्डसंभूतं तं नमामि शनैश्चरम्॥
5. शनि वैदिक मंत्र –
ॐ शन्नोदेवीर भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः।
6. शनि एकाक्षरी मंत्र –
शं॥
7. साढ़ेसाती से राहत पाने के लिए मंत्र –
ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुक मिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात्।।
ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।संयोरभिश्रवन्तु न:। ऊँ शं शनैश्चराय नमः।।
ऊँ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्। छायामार्तण्डसंभूतं तं नमामिशानश्चराम।।
8. ॐ शन्नोदेवीरभिस्ताय आपो भवन्तु पीतये
शनयोरभिस्रवन्तु नः, ॐ समं शनैश्चराय नमः।
ॐ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजं
छायामार्तण्डसंभूतं तम नमामि शनैश्चरम।
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