CG News : छत्तीसगढ़ के Raigarh वन मंडल क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जंगल से भटककर एक चीतल गांव के पास पहुंच गया, जहां उसकी जान चली गई। मामला देलारी गांव का है, जो शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित है। बताया जा रहा है कि चीतल पानी की तलाश में गांव के पास पहुंचा था। घटना के मुताबिक, दोपहर के समय जब चीतल तालाब के पास पानी पीने पहुंचा, तभी गांव के कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। वहां मौजूद लोगों ने शुरुआत में चीतल को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गया। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।
चीतल की मौत के बाद गांव के 5 लोगों आत्माराम राठिया, मयाराम राठिया, हरिचरण साव, तरूण साव और मोतीलाल अगरिया ने उसका शिकार कर मांस आपस में बांट लिया। यह पूरी घटना गांव में ही तालाब के पास हुई।
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ग्रामीणों का कहना है कि चीतल पहले ही मर चुका था, लेकिन इसके बावजूद उसका मांस बांटना कानूनन अपराध माना जाता है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर आरोपियों के घरों पर छापेमारी की। इस दौरान कुछ सबूत भी जब्त किए गए और सभी संदिग्धों से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
कानूनी कार्रवाई
वन विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ Wildlife Protection Act 1972 के तहत मामला दर्ज किया है। धारा 39, 50 और 51 के तहत अपराध साबित होने पर पांचों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों के सिमटने और पानी की कमी के कारण जंगली जानवर अक्सर गांवों की ओर आ जाते हैं, जिससे ऐसे टकराव बढ़ रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के साथ ऐसी घटना होने पर तुरंत सूचना दें, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।
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