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Budget Expectation 2026: सोना-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल, बजट से जुड़ी बड़ी उम्मीदें

Budget Expectation
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Budget Expectation 2026 : सोना और चांदी इन दिनों कीमतों के नए शिखर छू रहे हैं। हर कुछ दिनों में एक नया रिकॉर्ड बन रहा है, जिससे कीमती धातुओं का बाजार लगातार सुर्खियों में है। खासकर चांदी ने बीते साल निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया, जिसने इसे हाई-रिस्क लेकिन हाई-रिटर्न एसेट के रूप में मजबूती से स्थापित कर दिया है। तेजी की यह रफ्तार बताती है कि वैश्विक अस्थिरता और आर्थिक अनिश्चितता के दौर में लोग सुरक्षित निवेश की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

भारत में सोना और चांदी सिर्फ कमाई का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का भी अहम हिस्सा हैं। शादियों, त्योहारों और शुभ अवसरों पर इनकी खरीद को शुभ माना जाता है।

Budget Expectation 2026

कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण आम लोगों के लिए फिजिकल गोल्ड और सिल्वर खरीदना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा महंगा हो गया है। यही वजह है कि लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार बजट के जरिए कुछ राहत देने के उपाय कर सकती है। आगामी केंद्रीय बजट को लेकर उपभोक्ताओं और निवेशकों के बीच कई तरह की उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि सरकार सोने पर लगने वाली जीएसटी और आयात शुल्क में बदलाव कर सकती है।

वर्तमान में सोने की खरीद पर तीन फीसदी जीएसटी लगाया जाता है, जो अंतिम कीमत को और बढ़ा देता है। यदि टैक्स और ड्यूटी में राहत मिलती है, तो इससे फिजिकल गोल्ड की मांग बढ़ सकती है और बाजार में कुछ हद तक कीमतों का दबाव कम हो सकता है।

नया ऑल टाइम हाई

हाल ही में वायदा बाजार में सोने और चांदी दोनों ने अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम अब अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है, वहीं चांदी भी प्रति किलो ऐतिहासिक ऊंचाई पर कारोबार कर रही है। यह उछाल सिर्फ घरेलू कारणों से नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हो रहे घटनाक्रमों से भी जुड़ा हुआ है, जहां वैश्विक निवेशक लगातार सुरक्षित विकल्प तलाश रहे हैं।

तेजी जारी रहने के संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सप्ताहों में सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है। अमेरिकी नीतिगत फैसले, वैश्विक व्यापार तनाव और केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों से जुड़े संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे। इसके साथ ही, देश में पेश होने वाला केंद्रीय बजट भी घरेलू सर्राफा बाजार पर बड़ा असर डाल सकता है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि सरकार आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए क्या कदम उठाती है।

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Will the middle class get relief from the first general budget of Modi 3.0?