Australia Test Squad : ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए 16 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। खराब फॉर्म से जूझ रहे मार्नस लाबुशेन को टीम में बनाए रखा गया है। तीन मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 9 अक्टूबर से होगी। चयनकर्ताओं ने नंबर-3 के बल्लेबाज पर एक बार फिर भरोसा जताते हुए उन्हें टीम में जगह दी है। मार्नस लाबुशेन के हालिया प्रदर्शन को देखें तो उनका चयन आसान फैसला नहीं माना जा रहा था।
जुलाई में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उन्होंने 1, 31 और 4 रन की पारियां खेलीं। इससे पहले भी लंबे समय से उनका बल्ला बड़ी पारी के लिए तरस रहा है। लाबुशेन ने अपना पिछला टेस्ट शतक 2023 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में लगाया था।
Australia Test Squad
इसके बाद खेली गई 43 टेस्ट पारियों में उनका औसत 24.69 रहा है। लगातार खराब प्रदर्शन के चलते उन्हें जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए भी टीम में नहीं चुना गया है। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन टेस्ट खेले जाएंगे। पहला मुकाबला 9 अक्टूबर से डरबन में होगा। इसके बाद दोनों टीमें 18 अक्टूबर से जीक्वेबरहा में दूसरा टेस्ट खेलेंगी। सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला 27 अक्टूबर से केप टाउन में होगा। स्पिन विभाग में नाथन लायन के साथ मैथ्यू कुहनेमन को दूसरे विशेषज्ञ स्पिनर के तौर पर चुना गया है। इस चयन में टॉड मर्फी को पीछे छोड़कर कुहनेमन ने जगह बनाई है।
दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ऑस्ट्रेलिया के पास जरूरत पड़ने पर दूसरे टेस्ट में लायन के साथ कुहनेमन को मैदान पर उतारने का विकल्प भी रहेगा।
कोनोली का दावा मजबूत
युवा ऑलराउंडर कूपर कोनोली को भी टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। 23 वर्षीय कोनोली ने हालिया वनडे मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ 149 रन की शानदार पारी खेलकर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था। ऑस्ट्रेलिया उन्हें भविष्य के लिए तैयार किए जा रहे खिलाड़ियों में देख रहा है। हालांकि पीठ से जुड़ी समस्या के कारण उनकी गेंदबाजी पर अभी काम किया जा रहा है। टीम में उनकी मौजूदगी बल्लेबाजी के साथ अतिरिक्त विकल्प भी देती है। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण में कप्तान पैट कमिंस के साथ मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे अनुभवी गेंदबाज मौजूद हैं। इनके अलावा स्कॉट बोलैंड और माइकल नेसर को भी टीम में रखा गया है।
माइकल नेसर के लिए यह दौरा व्यक्तिगत रूप से भी खास होगा, क्योंकि उनका जन्म दक्षिण अफ्रीका में हुआ है। ऐसे में उन्हें परिस्थितियों की समझ का भी फायदा मिल सकता है।
3 टेस्ट की चुनौती
चीफ सेलेक्टर जॉर्ज बेली ने टीम चयन के पीछे व्यस्त कार्यक्रम को भी अहम कारण बताया है। ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज से पहले छह वनडे मुकाबले खेलने हैं और दोनों सीरीज के बीच ज्यादा लंबा अंतर नहीं है। ऐसे में चयनकर्ताओं ने टीम में अनुभव के साथ अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने वाले खिलाड़ियों को शामिल करने पर जोर दिया है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में विकल्प रखने की कोशिश की गई है। 2018 के कुख्यात बॉल टैंपरिंग विवाद के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली बार दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट सीरीज खेलने जाएगी। उस विवादित दौरे का हिस्सा रहे पांच खिलाड़ी मौजूदा टेस्ट स्क्वॉड में भी शामिल हैं।
इनमें पैट कमिंस, जोश हेजलवुड, मिचेल स्टार्क और स्टीव स्मिथ के अलावा मैट रेनशॉ का नाम भी शामिल है। रेनशॉ को 2018 दौरे के आखिरी टेस्ट के लिए टीम में शामिल किया गया था, जब बॉल टैंपरिंग विवाद के बाद स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और कैमरन बैनक्रॉफ्ट को स्वदेश लौटना पड़ा था।
ऑस्ट्रेलिया की पूरी टेस्ट टीम
पैट कमिंस (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, कैमरन ग्रीन, जोश हेजलवुड, ट्रेविस हेड, जोश इंगलिस, मैथ्यू कुहनेमन, मार्नस लाबुशेन, नाथन लायन, माइकल नेसर, मैट रेनशॉ, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क और ब्यू वेबस्टर।
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