White House Reshuffle : अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। उन्होंने अपने करीबी सहयोगी स्टीफन मिलर को नया चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त करने का ऐलान किया है। अब तक इस पद की जिम्मेदारी संभाल रहीं सूजी वाइल्स को राजनीतिक ऑपरेशन का काम सौंपा जाएगा। मिलर को ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन नीतियों का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता है।
यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है, जब मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को कांग्रेस में बहुमत का नुकसान उठाना पड़ा है। सूजी वाइल्स लंबे समय से ट्रंप की भरोसेमंद सलाहकार रही हैं। वह व्हाइट हाउस की पहली महिला चीफ ऑफ स्टाफ भी थीं।
White House Reshuffle
ट्रंप ने शुक्रवार को बदलाव का ऐलान करते हुए कहा कि स्टीफन मिलर नए चीफ ऑफ स्टाफ होंगे, जबकि सूजी वाइल्स राजनीतिक ऑपरेशन संभालेंगी। उन्होंने वाइल्स के काम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने शानदार काम किया है। ट्रंप ने मिलर पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह भी बेहतरीन रहे हैं और आने वाले समय में कुछ जरूरी कदम उठाने होंगे। व्हाइट हाउस में फेरबदल के बाद ट्रंप ने प्रशासन में आगे बड़े बदलावों की संभावना को कम बताया। फ्लोरिडा के पाम बीच में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में अधिकारियों के पद छोड़ने की संभावना बहुत कम है। उन्होंने अपने कैबिनेट के सदस्यों की भी तारीफ की।
हालांकि, CBS को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने मंत्रिमंडल में कुछ बदलाव करने के संकेत दिए थे। उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का बचाव भी किया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि किन मंत्रियों को बदला जा सकता है।
डेमोक्रेट्स की बढ़ेगी ताकत
मिडटर्म चुनाव के बाद अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थिति मजबूत हुई है। सीनेट और प्रतिनिधि सभा की कुछ सीटों के नतीजे अभी बाकी हैं। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, डेमोक्रेट्स को 100 सदस्यीय सीनेट में कम से कम 54 सीटें मिलने की संभावना है। अलास्का और मिसिसिपी के नतीजों के आधार पर यह आंकड़ा 56 तक पहुंच सकता है।
सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने ट्रंप के संभावित सुप्रीम कोर्ट नामांकन का विरोध करने की बात कही है। उन्होंने संघीय न्यायपालिका और कैबिनेट में नामांकन को लेकर भी सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं।
बढ़ेगी राजनीतिक चुनौतियां
मिडटर्म चुनाव के बाद ट्रंप को विपक्ष के मजबूत विरोध का सामना करना पड़ सकता है। डेमोक्रेटिक नेताओं की ओर से उनके खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई की मांग भी उठ रही है। ऐसे में व्हाइट हाउस में किया गया यह बदलाव प्रशासनिक रणनीति के साथ-साथ आने वाली राजनीतिक चुनौतियों से निपटने की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है।




