UP Politics : दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इन आंदोलनों के पीछे विदेशी ताकतों की भूमिका होने का आरोप लगाया है। उन्होंने अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क का नाम लेते हुए दावा किया कि उनके इशारे पर आंदोलन हो रहे हैं। हालांकि, इस आरोप के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि भारत की तुलना बांग्लादेश और पाकिस्तान से की जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि देश में पहली बार सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाने के उद्देश्य से मार्च निकाला गया है। उनके मुताबिक, कुछ विदेशी कारोबारी भारत में अपनी शर्तों पर कारोबार करना चाहते हैं और विरोध प्रदर्शनों को बढ़ावा दे रहे हैं। ये सभी बातें भाजपा नेता के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
UP Politics
इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल बांग्लादेश की तरह सत्ता परिवर्तन की सोच के साथ युवाओं को राजनीतिक टकराव की ओर ले जा रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार है, लेकिन इसकी आड़ में अव्यवस्था फैलाना या संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता कमजोर करना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण के बजाय राजनीतिक संघर्ष में लगाने का आरोप लगाया।
#WATCH | Unnao, Uttar Pradesh: On CJP’s ‘Lehra Do Tiranga’ protest at Central Park, BJP leader Brij Bhushan Sharan Singh says, “This entire movement is being orchestrated at his (Elon Musk) behest. It is a massive conspiracy against our nation. Our country is being compared to Bangladesh and Pakistan, and for the first time, a march has been organised here with the explicit intent of intimidating the Supreme Court. Nothing like this has ever happened before. These foreigners—who wish to conduct business in our country, but only on their own terms—are the ones fueling this movement.”
— ANI (@ANI) October 16, 2026
दूसरी ओर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के साथ मुंबई में भी तिरंगा मार्च निकालने की घोषणा की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने संगठन को मार्च की अनुमति नहीं दी है। वहीं, मुंबई पुलिस की ओर से आजाद मैदान में एक दिवसीय कार्यक्रम की अनुमति मिलने की बात कही गई है। हालांकि, इन अनुमतियों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
कनॉट प्लेस में बढ़ाई गई सुरक्षा
दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है। यहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती और कई स्तरों पर बैरिकेडिंग किए जाने की बात कही गई है। प्रदर्शन के मद्देनजर सेंट्रल पार्क के आसपास 40 से अधिक नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का भी दावा है। इनका उद्देश्य इलाके की निगरानी करना और अनधिकृत प्रवेश रोकना बताया गया है। हालांकि, कैमरों की संख्या और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, विरोध प्रदर्शनों को लेकर भाजपा और प्रदर्शनकारी संगठनों के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
जहां भाजपा नेता आंदोलन के पीछे राजनीतिक और विदेशी प्रभाव होने के आरोप लगा रहे हैं, वहीं किसी भी प्रदर्शन की वैधता और अनुमति से जुड़े सवालों का निर्धारण संबंधित प्रशासनिक आदेशों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।
Read More : Bottle Tree Ranch: कबाड़ की बोतलों से बना दिया अनोखा जंगल, 200 रंग-बिरंगे पेड़ देखकर रह जाएंगे हैरान





