Election Commission : देश की राजनीति में चुनाव आयोग को लेकर सियासी टकराव बढ़ता जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्षी दल अब अपनी शिकायत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तक पहुंचाने की तैयारी में हैं। इंडिया गठबंधन के 10 नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार (9 अक्टूबर) रात 8 बजे राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा। इस दौरान चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष की मांगों पर चर्चा होने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, विपक्षी दलों ने 2 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन से मुलाकात के लिए समय मांगा था। इसके बाद राष्ट्रपति कार्यालय ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने वाले नेताओं की जानकारी मांगी। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति भवन की ओर से रात 8 बजे मुलाकात का समय मिलने की पुष्टि की गई।
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इसके बाद विपक्षी दलों ने प्रतिनिधिमंडल की तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रपति से मिलने वाले नेताओं में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे प्रमुख रूप से शामिल बताए जा रहे हैं। इनके अलावा तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, एनसीपी (शरद पवार) की सुप्रिया सुले और सीपीआई (एम) के एम. ए. बेबी के नाम भी सामने आए हैं। समाजवादी पार्टी ने सांसद राजीव राय को प्रतिनिधिमंडल में भेजने की तैयारी की है। दस सदस्यीय दल के बाकी नेताओं के नामों पर अंतिम सहमति बनने की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
अखिलेश यादव के दिल्ली नहीं आने की वजह
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं होंगे। पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, शनिवार को उनके पिता और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि से जुड़े कार्यक्रम हैं। इसी वजह से अखिलेश का दिल्ली आने का कार्यक्रम नहीं है। उनकी जगह पार्टी सांसद राजीव राय राष्ट्रपति के सामने विपक्ष का पक्ष रखने वाले नेताओं में शामिल हो सकते हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के भी राष्ट्रपति से होने वाली मुलाकात में शामिल नहीं होने की बात सामने आई है।
उन्होंने महाराष्ट्र में सूखे से जुड़ी परिस्थितियों और पहले से तय कार्यक्रमों के कारण दिल्ली नहीं पहुंच पाने की जानकारी दी है। हालांकि उनके शामिल नहीं होने के बावजूद इंडिया गठबंधन की ओर से राष्ट्रपति के सामने साझा मांग रखने की तैयारी है।
तीन दिनों से जारी है विरोध
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का प्रदर्शन लगातार जारी है। पिछले तीन दिनों से विभिन्न विपक्षी दलों के सांसद दिल्ली में विरोध जता रहे हैं। विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। इन आरोपों को लेकर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। राष्ट्रपति से मुलाकात की तैयारी के बीच गुरुवार (8 अक्टूबर) को विपक्षी नेताओं ने दिल्ली के राजघाट पर प्रदर्शन किया था।
महात्मा गांधी के स्मारक पर एकत्र हुए नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई गई। विपक्षी नेताओं ने संकेत दिया कि उनकी मांग पूरी होने तक राजनीतिक विरोध जारी रह सकता है।
आगे की रणनीति
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार शाम 5 बजे संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक होने की संभावना है। इस दौरान राष्ट्रपति को सौंपे जाने वाले संभावित ज्ञापन और आगे के आंदोलन पर विचार किया जा सकता है। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एक और प्रदर्शन भी कर सकते हैं। हालांकि बैठक और प्रदर्शन के अंतिम कार्यक्रम को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
राष्ट्रपति के सामने क्या रखेगा विपक्ष?
इंडिया गठबंधन के नेता राष्ट्रपति के सामने चुनाव आयोग से जुड़ी अपनी शिकायतों के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग रख सकते हैं। विपक्ष का जोर चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और आयोग की जवाबदेही पर है। हालांकि मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए संविधान में विशेष प्रक्रिया निर्धारित है। इस कारण राष्ट्रपति से मुलाकात को फिलहाल विपक्ष की ओर से राजनीतिक और संवैधानिक स्तर पर अपनी मांग उठाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
अब सभी की नजर शुक्रवार रात प्रस्तावित बैठक पर है। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद विपक्षी नेता क्या जानकारी साझा करते हैं और आंदोलन को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
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