Rajya Sabha Election 2026 : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्यसभा की 10 सीटों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों ही उम्मीदवारों के चयन में जुट गई हैं। एक तरफ बीजेपी के भीतर आठ सीटों के लिए दो दर्जन से ज्यादा नेताओं के नामों पर मंथन चल रहा है, तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी तीन उम्मीदवार मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। ऐसे में मुकाबला केवल राज्यसभा पहुंचने का नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधित्व का भी बन गया है। बीजेपी के सामने मौजूदा सांसदों को दोबारा मौका देने और नए चेहरों को आगे लाने का सवाल है।
वहीं सपा की ओर से तीसरा प्रत्याशी उतारने की तैयारी ने चुनावी गणित को चर्चा में ला दिया है। हालांकि दोनों दलों की ओर से उम्मीदवारों के नामों की अंतिम घोषणा अभी बाकी है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही अब राजनीतिक दलों की रणनीति धीरे-धीरे सामने आएगी।
Rajya Sabha Election 2026
बीजेपी की प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा हुई। राज्यसभा की आठ सीटों के लिए करीब 25 नेताओं के नाम केंद्रीय नेतृत्व के विचारार्थ सामने आए हैं। उम्मीदवारों के चयन में संगठनात्मक अनुभव के साथ क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व पर भी विचार किया जा रहा है। चर्चा में आए नामों में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, कौशल किशोर, हरीश द्विवेदी, रेखा वर्मा, गीता शाक्य, राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया और प्रियंका रावत शामिल हैं। इनके अलावा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बृजलाल, प्रकाश पाल और दुर्विजय शाक्य के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि इन नेताओं की उम्मीदवारी पर अभी आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
उम्मीदवारों पर अंतिम फैसला
प्रदेश स्तर पर नामों को लेकर मंथन के बाद अंतिम निर्णय बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। पार्टी के सामने पुराने चेहरों को दोबारा राज्यसभा भेजने और संगठन में सक्रिय अन्य नेताओं को अवसर देने के विकल्प हैं। नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक होने के कारण उम्मीदवारों की सूची को लेकर जल्द स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। समाजवादी पार्टी की ओर से तीन उम्मीदवारों के लिए नामांकन पत्र खरीदने की तैयारी की जानकारी सामने आई है। पार्टी नेतृत्व विधायकों के हस्ताक्षर और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटा है। फिलहाल तीनों संभावित प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
तीसरे उम्मीदवार को लेकर बढ़ी चर्चा
मौजूदा विधानसभा संख्या बल के आधार पर सपा के लिए दो सीटों का चुनावी गणित बनता है। ऐसे में यदि पार्टी तीसरा उम्मीदवार उतारती है तो अतिरिक्त समर्थन जुटाना महत्वपूर्ण होगा। हालांकि तीन नामांकन पत्र खरीदने की तैयारी का मतलब यह नहीं है कि तीनों उम्मीदवारों का चुनाव लड़ना अंतिम रूप से तय हो चुका है। उत्तर प्रदेश से अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी, हरदीप सिंह पुरी, रामगोपाल यादव और रामजी गौतम का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। वहीं डॉ. दिनेश शर्मा के इस्तीफे से रिक्त हुई सीट पर भी चुनाव कराया जाएगा।
6 अक्टूबर तक दाखिल किए जा सकेंगे नामांकन
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 29 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। उम्मीदवार छह अक्टूबर तक पर्चे दाखिल कर सकेंगे। सात अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि नौ अक्टूबर तक नाम वापस लेने का अवसर रहेगा। जरूरत पड़ने पर 16 अक्टूबर को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान कराया जाएगा। इसी दिन शाम पांच बजे से मतगणना शुरू होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक संपन्न की जानी है। फिलहाल, राजनीतिक नजरें बीजेपी की अंतिम सूची और समाजवादी पार्टी के संभावित तीसरे उम्मीदवार पर टिकी हैं।
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