Rajasthan Local Body Election : राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण के मतदान की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। इसी बीच राजस्थान की राजनीति में AIMIM और RLP के साथ आने की खबर ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के मुताबिक, यह गठबंधन सिर्फ स्थानीय निकाय चुनाव तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने संकेत दिया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में AIMIM और RLP साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। ओवैसी ने अपने अंदाज में कहा कि हम झुकेंगे नहीं, अब उन्हें झुकाएंगे। हम रोएंगे नहीं, अब उन्हें रुलाएंगे। यानी साफ है कि गठबंधन की नजर सिर्फ चुनाव लड़ने पर नहीं, बल्कि राजस्थान के मौजूदा सियासी समीकरणों को चुनौती देने पर है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि अगर यह गठबंधन विधानसभा चुनाव तक कायम रहता है, तो RLP का जाट-किसान आधार और AIMIM का अपना सामाजिक-राजनीतिक आधार कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय या बहुकोणीय बना सकता है।
Rajasthan Local Body Election
अगर इसका प्रयोग राजस्थान में सफल रहा, तो उत्तर प्रदेश जैसे बड़े चुनावी राज्य में भी इसके संभावित विस्तार की चर्चा तेज हो सकती है। क्या AIMIM और RLP की जोड़ी राजस्थान में नया सियासी समीकरण खड़ा कर पाएगी? क्या यह कांग्रेस और BJP दोनों के लिए चुनौती बनेगी? वहीं, 9 सितंबर को होने वाले मतदान से पहले आज 7 सितंबर की शाम चुनाव प्रचार थम जाएगा। मतदान खत्म होने से 48 घंटे पहले प्रचार रोकने के नियम के तहत इसके बाद प्रत्याशी रैली, जुलूस, सभा या किसी अन्य तरीके से प्रचार नहीं कर सकेंगे। पहले चरण में जिन नगर पालिकाओं और नगर परिषद क्षेत्रों में 9 सितंबर को मतदान होना है, वहां प्रत्याशियों के पास प्रचार के लिए सोमवार शाम तक का ही समय बचा है। शाम के बाद चुनाव प्रचार पर पूरी तरह रोक लागू हो जाएगी।
राजस्थान की राजनीति में AIMIM और RLP के साथ आने की खबर ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के मुताबिक, यह गठबंधन सिर्फ स्थानीय निकाय चुनाव तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने संकेत दिया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में AIMIM और RLP साथ मिलकर चुनावी मैदान… pic.twitter.com/FxfgpZ39CS
— Dinesh Purohit (@Imdineshpurohit) September 7, 2026
इसके बाद प्रत्याशी मतदाताओं के बीच रैली, जुलूस या सार्वजनिक सभा आयोजित नहीं कर सकेंगे। मतदान से पहले आखिरी समय में प्रत्याशी और राजनीतिक दल मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने में जुटे हुए हैं। जयपुर जिले में पहले चरण के तहत 2 नगर परिषद और 16 नगर पालिका क्षेत्रों में 9 सितंबर को मतदान होना है। इनमें चौमू और शाहपुरा नगर परिषद के अलावा 16 नगर पालिका क्षेत्र शामिल हैं।
11 सितंबर को वोटिंग
जयपुर नगर निगम क्षेत्र में पार्षद पद के लिए मतदान 11 सितंबर को होना है। इसलिए यहां चुनाव प्रचार की समयसीमा पहले चरण के इन 18 निकायों से अलग रहेगी। जिला प्रशासन के मुताबिक जयपुर नगर निगम क्षेत्र में मतदान दिवस 11 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश रहेगा, जबकि बाकी संबंधित निकाय क्षेत्रों में 9 सितंबर को अवकाश रहेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर संदेश नायक ने मतदान दिवस को लेकर सार्वजनिक अवकाश के आदेश जारी किए हैं। नगरीय निकाय चुनाव वाले क्षेत्रों में स्थित औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश देने के निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में बगरू, चाकसू, जोबनेर, किशनगढ़-रेनवाल, फुलेरा, सांभर, बस्सी, दूदू, जमवारामगढ़, कालाडेरा, कानोता, खेजरोली, मनोहरपुर, नारायणा, फागी और वाटिका शामिल हैं। इन सभी निकाय क्षेत्रों में आज शाम प्रचार अभियान समाप्त हो जाएगा।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारी बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें। आदेश की पालना नहीं करने वाले संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
इस दिन रहेगा ड्राई डे
स्थानीय निकाय चुनाव को देखते हुए मतदान और मतगणना के दौरान संबंधित क्षेत्रों में ड्राई डे भी रहेगा। 9 सितंबर को मतदान वाले निकाय क्षेत्रों में शराब की दुकानें 7 सितंबर की शाम 6 बजे से बंद रहेंगी। वहीं, जिन क्षेत्रों में 11 सितंबर को मतदान होना है, वहां 9 सितंबर की शाम 6 बजे से शराब की बिक्री पर रोक लागू होगी। इसके अलावा 14 सितंबर को मतगणना के दिन पूरे दिन ड्राई डे रहेगा।
🔸राजस्थान दौरे के दौरान पाली में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर प्रत्याशी नरेश गेहलोतजी के प्रचारार्थ आयोजित जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर आगामी चुनाव के संबंध में विभिन्न विषयों पर संवाद करते हुए प्रत्याशी नरेश गेहलोतजी की विजय के लिए उपस्थित नागरिकों से आह्वान किया।… pic.twitter.com/gkObM8Z62z
— Chandrashekhar Bawankule (@cbawankule) September 6, 2026
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी मतदान केंद्र या क्षेत्र में किसी कारण से पुनर्मतदान की स्थिति बनती है तो संबंधित दिन भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा। प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों और प्रतिष्ठानों को निर्देश दिए हैं।
अंतिम दिन प्रत्याशियों ने झोंकी पूरी ताकत
प्रचार का समय खत्म होने से पहले प्रत्याशी मतदाताओं तक पहुंचने में पूरी ताकत लगा रहे हैं। अब प्रचार बंद होने के बाद उम्मीदवारों के पास सीधे सार्वजनिक प्रचार का विकल्प नहीं रहेगा और मतदान की तैयारियों पर पूरा फोकस होगा। 9 सितंबर को होने वाली वोटिंग के बाद जयपुर नगर निगम क्षेत्र में 11 सितंबर को मतदान होगा, जबकि सभी निकाय चुनावों की मतगणना 14 सितंबर को प्रस्तावित है।
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