Jabalpur Boat Accident : मध्य प्रदेश के जबलपुर में शुक्रवार शाम नर्मदा नदी के गौरीघाट में उस समय हड़कंप मच गया, जब होमगार्ड की पेट्रोलिंग मोटरबोट तेज बहाव में अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के वक्त बोट में चालक समेत 12 होमगार्ड जवान सवार थे। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में भारी बारिश के बाद बरगी बांध के 13 जलद्वार खोले गए थे, जिससे नर्मदा का जलस्तर और बहाव तेज हो गया था। इसी दौरान होमगार्ड की टीम श्रद्धालुओं की सुरक्षा और घाट की निगरानी के लिए पेट्रोलिंग कर रही थी।
जानकारी के मुताबिक, जवान मोटरबोट से नदी में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मझधार में बोट का इंजन खराब होने की बात सामने आई। तेज बहाव के कारण नाव को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया और देखते ही देखते मोटरबोट पलट गई।
Jabalpur Boat Accident
हादसे के बाद कुछ होमगार्ड जवान तैरकर बाहर निकल आए। वहीं बाकी जवानों को मौके पर मौजूद स्थानीय नाविकों और गोताखोरों ने अपनी नावों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस की टीम ने भी बचाव अभियान चलाया। हादसे के बाद पेट्रोलिंग बोट की क्षमता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस मोटरबोट से गश्त की जा रही थी, उसकी क्षमता करीब 4 से 5 लोगों की बताई जा रही है, जबकि उसमें चालक सहित 12 होमगार्ड जवान सवार थे।
यह भी सामने आया है कि बोट में नियमित बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। इसके बावजूद जवानों को तेज बहाव वाली नदी में पेट्रोलिंग के लिए ले जाया गया। हालांकि, हादसे के समय चालक को छोड़कर बाकी जवानों के लाइफ जैकेट पहने होने की जानकारी सामने आई है।
फिटनेस पर भी सवाल
मझधार में इंजन खराब होने की बात सामने आने के बाद मोटरबोट की तकनीकी जांच और फिटनेस को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इंजन खराब होने की वास्तविक वजह और हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का पता जांच के बाद ही चलेगा। चालक की लापरवाही की बात भी सामने आ रही है, लेकिन फिलहाल इसे जांच का विषय माना जा रहा है। हादसे को लेकर होमगार्ड कमांडेंट नीरज सिंह ने जांच कराने की बात कही है। जांच में यह देखा जाएगा कि पेट्रोलिंग के दौरान बोट में कितने जवानों को सवार कराया गया था, उसकी वास्तविक क्षमता क्या थी और तेज बहाव के बीच उसे नदी में उतारने के लिए सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
बरगी डैम क्रूज हादसे की आई याद
गौरीघाट में हुई इस घटना ने कुछ महीने पहले हुए बरगी डैम क्रूज हादसे की याद ताजा कर दी। 30 अप्रैल की शाम बरगी डैम में क्रूज पर सवार 32 लोगों में से कई लोग हादसे का शिकार हुए थे। हादसे के बाद तीन दिन तक लापता लोगों की तलाश चलती रही और बाद में मृतकों की संख्या 13 तक पहुंच गई थी। बाकी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था। इस घटना की जांच फिलहाल एकल सदस्यीय आयोग कर रहा है।
नर्मदा में लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच गौरीघाट की घटना ने एक बार फिर नदी में सुरक्षा व्यवस्था, नावों की क्षमता और पेट्रोलिंग के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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