Nepal Flood : नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। शुक्रवार को दार्चुला जिले में भारी भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का प्रवाह कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। इसके चलते निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया। हालांकि, शनिवार को नदी का बहाव सामान्य बताया गया और फिलहाल किसी नए बड़े खतरे की सूचना नहीं है।
जिला प्रशासन के मुताबिक, भट्टार इलाके में पहाड़ से मिट्टी और पत्थर गिरने के कारण नदी का रास्ता कुछ देर के लिए प्रभावित हुआ था। एहतियात के तौर पर आठ परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। घटना में किसी व्यक्ति या पशु के हताहत होने की जानकारी नहीं है।
Nepal Flood
नेपाल पुलिस के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 1,344 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं राहत और बचाव अभियान के दौरान करीब 12 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। अब भी 5,300 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, आपदा से 32,933 लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ में स्कूल-कॉलेज समेत कई शैक्षणिक संस्थानों को नुकसान पहुंचा है, जिससे 6,500 से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा चार हेल्थ सेंटर पूरी तरह और तीन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। करीब 55 किलोमीटर सड़कें पूरी तरह टूट गईं, जबकि कई मोटरेबल और सस्पेंशन ब्रिज भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
169 भारतीयों को निकाला गया सुरक्षित
26 अगस्त की आपदा के बाद नेपाल में फंसे भारतीयों को निकालने का अभियान भी जारी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि अब तक 169 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि 275 भारतीय अभी लापता हैं। त्रिशूली बाजार क्षेत्र से पांच साल के बच्चे समेत तीन भारतीयों को भी सुरक्षित निकाला गया है। भारत लगातार नेपाल के साथ समन्वय कर राहत और बचाव अभियान में सहयोग कर रहा है।
95 टन राहत सामग्री
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बाढ़ के बाद भारत ने नेपाल को करीब 95 टन राहत सामग्री भेजी है। यह सामग्री सात विमानों के जरिए नेपाल पहुंचाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त को नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से फोन पर बात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया था। इसके कुछ घंटे बाद भारत की ओर से राहत सामग्री की पहली खेप भेजी गई।
#WATCH | नुवाकोट, नेपाल | बिदुर में आर्मी कैंप के बाढ़ प्रभावित इलाके से एक गर्भवती महिला को एयरलिफ्ट करके काठमांडू ले जाया गया। pic.twitter.com/KwJOlLsqDg
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 4, 2026
भारत ने राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें 30 सुरंग बचाव विशेषज्ञ, 19 फोरेंसिक विशेषज्ञ और पांच सदस्यीय मेडिकल टीम शामिल है। बिदुर में आर्मी कैंप के बाढ़ प्रभावित इलाके से एक गर्भवती महिला को एयरलिफ्ट करके काठमांडू ले जाया गया।
चीन से 1,907 भारतीय सुरक्षित नेपाल पहुंचे
विदेश मंत्रालय ने बताया कि चीन से 1,907 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। चीन के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में अब कोई भारतीय यात्री फंसा नहीं है। भारत ने संकेत दिया है कि नेपाल की जरूरत के मुताबिक आगे भी राहत सामग्री और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें फोरेंसिक किट, बेली ब्रिज और अन्य जरूरी सामग्री शामिल है। नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद अर्जुन नरसिंह केसी ने आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों में समन्वय की कमी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से नेपाल को 800 अरब नेपाली रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
केसी ने सरकार से आपदा के बाद नुकसान और जरूरतों का आकलन तेजी से शुरू करने की मांग की। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से प्रभावित देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्लाइमेट जस्टिस और मुआवजे का मुद्दा उठाने की भी बात कही।
पुलों को भारी नुकसान
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ से मध्य नेपाल के कई हिस्सों में परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। बड़ी संख्या में मोटरेबल और सस्पेंशन ब्रिज क्षतिग्रस्त होने के साथ कई किलोमीटर सड़कें भी बह गई हैं। आपदा से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन अभी जारी है। सरकार और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में बचाव, राहत और पुनर्वास से जुड़े कामों में जुटी हैं।
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