UP Politics : उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। राजनीतिक दलों ने संगठन को मजबूत करने के साथ ही एक-दूसरे पर हमले भी तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा निशाना साधते हुए उसके पुराने शासन और राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब उस दौर को पीछे छोड़ चुकी है, जब योग्यता से ज्यादा सिफारिश और पर्ची को महत्व मिलने के आरोप लगते थे।
CM योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के नेताओं की बयानबाजी को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि दुनिया शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है, लेकिन सपा के कुछ नेताओं की भाषा उनकी राजनीतिक सोच और संस्कार को दर्शाती है।
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उन्होंने पार्टी नेताओं की ओर से एक-दूसरे के लिए कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता को जनार्दन माना जाता है, लेकिन सपा की राजनीति में अपने ही नेताओं को अपमानजनक उपमाएं दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने सपा के पूर्व शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में ऐसी व्यवस्था थी, जहां योग्यता की तुलना में सिफारिश का प्रभाव अधिक दिखाई देता था।
उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता की कमी थी और भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठते थे। योगी ने इस व्यवस्था की तुलना ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’ से करते हुए कहा कि प्रदेश में व्यवस्था के बजाय अव्यवस्था हावी थी।
सरकार की कार्रवाई का दावा
योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा में नकल और भर्ती में गड़बड़ी के मुद्दे को भी अपने संबोधन का हिस्सा बनाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने नकल कराने वालों और परीक्षा प्रक्रिया से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाया है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ जेल भेजने के साथ उनकी संपत्ति जब्त करने जैसी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इसी सख्ती का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में अब नकल कराने वालों के लिए पहले जैसी परिस्थितियां नहीं हैं।
युवाओं को नौकरी देने का दावा
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि प्रदेश में बिना भेदभाव और आरक्षण की निर्धारित व्यवस्था का पालन करते हुए करीब 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने इसे युवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता से जोड़ते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्राथमिकता दी जा रही है।CM योगी ने उत्तर प्रदेश की बदली हुई तस्वीर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की पहचान गड्ढों वाली सड़कों या बिजली की समस्या से नहीं होती।
उनके मुताबिक, पिछले वर्षों में राज्य में सड़क, बिजली और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस उत्तर प्रदेश को कभी पिछड़ेपन के उदाहरण के तौर पर देखा जाता था, वही आज विकास के नए मॉडल के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।
एक्सप्रेसवे और रेलवे नेटवर्क उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बढ़ते एक्सप्रेसवे नेटवर्क का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में परिवहन और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है। रेलवे नेटवर्क का जिक्र करते हुए भी उन्होंने उत्तर प्रदेश की स्थिति को देश में महत्वपूर्ण बताया। योगी आदित्यनाथ के इस हमले को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच बढ़ती राजनीतिक लड़ाई से जोड़कर देखा जा रहा है।
एक ओर सपा लगातार सरकार की नीतियों और कामकाज को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा अपने शासनकाल की उपलब्धियों को सामने रखकर पुराने सपा शासन से तुलना कर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में रोजगार, कानून-व्यवस्था, विकास और भर्ती प्रक्रिया जैसे मुद्दे चुनावी बहस के प्रमुख केंद्र बन सकते हैं।
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