Nepal Flood : नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से सामने आया है। वीडियो में तेज बहाव के बीच एक घर मजबूती से खड़ा नजर आ रहा है, जबकि उसके आसपास की कई इमारतें और मलबा पानी में बहते दिखाई दे रहे हैं। घर की बालकनी में तीन लोग खड़े नजर आते हैं। चारों तरफ तबाही के बावजूद तीनों शांत दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कीचड़ से भरा पानी बेहद तेज रफ्तार से बहता दिख रहा है।
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। पुलिस के मुताबिक, आपदा में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हुई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता या संपर्क से बाहर हैं। हालांकि, यह वीडियो नेपाल के किस इलाके का है और इसे कब रिकॉर्ड किया गया, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
Nepal Flood
इनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है और हेलिकॉप्टरों की मदद से लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के मुताबिक, अब तक 4,451 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। इनमें जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे 191 मजदूर भी शामिल हैं। राहत अभियान में नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के 15 हजार से ज्यादा जवान लगाए गए हैं।
बचाव अभियान जारी
प्रभावित इलाकों तक पहुंचने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। नेपाली सेना और निजी क्षेत्र के हेलिकॉप्टरों ने कई उड़ानें भरकर धुंचे, त्रिशूली, तिमुरे और स्याब्रुबेसी समेत कई इलाकों से लोगों को निकाला है। सुरंगों में फंसे लोगों को बाहर निकालना बचाव दल की प्राथमिकता बनी हुई है। नेपाल सरकार ने अब विदेशी रेस्क्यू टीमों और विशेषज्ञों की सीमित मदद लेने की अनुमति दे दी है। भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया के विशेषज्ञों को टनल रेस्क्यू, डीएनए जांच और शवों की पहचान जैसे कामों में लगाया जाएगा। बाढ़ से रसुवा और नुवाकोट के कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद pic.twitter.com/2XtKlpFIUj
— Manraj Meena (@ManrajM7) August 28, 2026
निकाला जा रहा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन की तरफ करीब 400 भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं और सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। भारत उनके सुरक्षित लौटने के लिए चीनी अधिकारियों के संपर्क में है। वहीं, चीन से 153 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे यात्री भी शामिल हैं। चीन की तरफ भारत-नेपाल सीमा पर फंसे 53 भारतीय नागरिक काठमांडू पहुंच चुके हैं। इनमें महाराष्ट्र के 37 यात्री शामिल हैं। महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में राज्य के कई नागरिक अब भी फंसे हैं। प्रशासन उनके संपर्क और सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
ये नेपाल तिब्बत बॉर्डर पर बाढ़ का डरावना दृश्य है।
सोचिए जो लोग बालकनी में फंसे हुए थे, उस वक्त उनके दिलोदिमाग पर क्या बीत रही होगी। pic.twitter.com/5UD18w9iSp
— Manraj Meena (@ManrajM7) August 28, 2026
मेडिकल टीम
भारत की ओर से नेपाल के लिए राहत अभियान भी जारी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के मुताबिक, राहत सामग्री लेकर तीसरी फ्लाइट काठमांडू पहुंच चुकी है। इसके साथ 11 सदस्यीय मेडिकल टीम और सुरंग बचाव दल भी नेपाल पहुंचा है। दोनों टीमें स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं। बाढ़ के बाद चार फ्रांसीसी नागरिकों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। फ्रांस की विदेश मामलों की मंत्री प्रतिनिधि एलेनोर कैरोआ के मुताबिक, आपदा के समय नेपाल-तिब्बत सीमा पर 80 फ्रांसीसी नागरिक मौजूद थे। इनमें से 76 लोगों के बारे में जानकारी मिल चुकी है, जबकि चार की तलाश जारी है।
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