Kanpur Zoo : कानपुर प्राणी उद्यान में कभी बच्चों के आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र रही ‘बाल ट्रेन’ आज बदहाली की तस्वीर बन चुकी है। दैनिक भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में जू के भीतर बंद पड़ी ट्रेन और उसके ट्रैक का जायजा लिया गया तो व्यवस्था की अनदेखी साफ नजर आई। सालों से एक ही जगह खड़े रहने के कारण ट्रेन के डिब्बे जंग खा चुके हैं और कई हिस्से पूरी तरह जर्जर हो गए हैं। जो कोच कभी बच्चों की आवाजों से गुलजार रहते थे, वे अब पटरी से नीचे पड़े हैं।
कानपुर जू के भीतर बाल ट्रेन के लिए बिछाया गया ट्रैक भी बदहाल स्थिति में है। पटरियों के आसपास इतनी घनी घास और झाड़ियां उग आई हैं कि कई हिस्सों में यह पहचानना तक मुश्किल है कि यहां कभी ट्रेन चलती थी।
Kanpur Zoo
कुछ जगह पटरियां क्षतिग्रस्त भी नजर आती हैं। लंबे समय से ट्रेन का संचालन बंद होने के कारण पूरे ट्रैक की देखरेख का अभाव साफ दिखाई देता है। बाल ट्रेन के मुख्य प्लेटफॉर्म की स्थिति भी सवाल खड़े करती है। जिस जगह पर कभी बच्चे और उनके परिवार ट्रेन का इंतजार करते थे, वहां अब कैंटीन संचालित हो रही है। स्टेशन के लिए निर्धारित स्थान पर खाने-पीने की चीजों की बिक्री होती दिखाई देती है। ऐसे में बाल ट्रेन को दोबारा शुरू करने की स्थिति में प्लेटफॉर्म की व्यवस्था भी चुनौती बन सकती है।
इंजन खराब
कानपुर जू के क्षेत्रीय वन अधिकारी फिरोज खान ने दैनिक भास्कर को बताया कि बाल ट्रेन की स्थिति काफी खराब है। उन्होंने कहा कि ट्रेन का इंजन पूरी तरह खराब हो चुका है, जबकि कोच भी क्षतिग्रस्त हैं। प्रशासनिक स्तर पर ट्रेन को दोबारा शुरू करने की इच्छा है, लेकिन इसके लिए बड़े बजट की जरूरत है। अधिकारी के मुताबिक, बाल ट्रेन को दोबारा संचालन योग्य बनाने के लिए इंजन की मरम्मत, नए डिब्बों की व्यवस्था और पूरे ट्रैक को दुरुस्त करना होगा। इन सभी कामों पर कम से कम 50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। जब तक इसके लिए बजट उपलब्ध नहीं होता, तब तक ट्रेन को दोबारा पटरी पर दौड़ाना संभव नहीं है। फिलहाल बच्चों की पसंदीदा यह ट्रेन जू में अपनी वापसी का इंतजार कर रही है।
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