Bareilly News : बरेली में जल्द ही नए सर्किल रेट लागू होने जा रहे हैं, जिसके बाद जमीन खरीदना और मकान बनाना पहले से अधिक महंगा हो जाएगा। जिला प्रशासन ने संशोधित सर्किल रेट का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। आपत्तियों और सुझावों के निस्तारण के बाद नई दरों को अधिसूचित किया जाएगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों को अधिक स्टांप शुल्क देना पड़ेगा।
निबंधन विभाग के सर्वे के अनुसार शहर के प्रमुख आवासीय क्षेत्रों में सर्किल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिन कॉलोनियों में नौ मीटर (करीब 30 फीट) या उससे अधिक चौड़ी सड़कें हैं, वहां प्रति वर्गमीटर के हिसाब से दरों में सबसे अधिक वृद्धि की जाएगी।
Bareilly में जमीन खरीदना महंगा
सिविल लाइंस एक बार फिर शहर का सबसे महंगा आवासीय क्षेत्र बनकर सामने आया है। इससे पहले भी वित्त वर्ष 2025-26 में इसी इलाके के सर्किल रेट में सबसे अधिक बढ़ोतरी की गई थी। शहर के अलावा बाइपास और प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में भी जमीन की नई दरें प्रति हेक्टेयर के आधार पर तय की जाएंगी। प्रशासन का मानना है कि इन इलाकों में तेजी से बढ़ रहे विकास और भूमि की मांग को देखते हुए दरों में संशोधन आवश्यक है।
प्रशासनिक सर्वे के आधार पर कई आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में सर्किल रेट में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है। आवास विकास कॉलोनी, मेगा मेंशन और रहीम पैलेस जैसे इलाकों में भी दरों में उल्लेखनीय वृद्धि का प्रस्ताव है। वहीं अय्यूब खां चौराहे से नावल्टी तक के व्यावसायिक क्षेत्र में पहले की तरह सबसे अधिक सर्किल रेट रहने की संभावना है।
तैयार हुई नई दरें
नए सर्किल रेट तय करने से पहले प्रशासन ने पूरे जिले में विस्तृत सर्वे कराया। इस दौरान उन क्षेत्रों को चिह्नित किया गया जहां जमीनों की खरीद-फरोख्त तेजी से बढ़ी है या जहां नए अस्पताल, स्कूल, शोरूम और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुलने के कारण संपत्तियों की बाजार कीमतों में लगातार इजाफा हुआ है। इसी रिपोर्ट के आधार पर संशोधित दरों का प्रस्ताव तैयार किया गया है। सर्किल रेट बढ़ने का सीधा असर संपत्ति की रजिस्ट्री पर पड़ने वाले स्टांप शुल्क पर होगा। उदाहरण के तौर पर, सिविल लाइंस या आवास विकास कॉलोनी में नौ मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित 100 वर्गमीटर के प्लॉट की न्यूनतम कीमत करीब 66 लाख रुपये मानी जाएगी। इसी मूल्य के आधार पर स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क की गणना होगी, जिससे खरीदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
जारी होगी अंतिम अधिसूचना
उप निबंधक कार्यालय द्वारा तैयार प्रस्ताव को जल्द सार्वजनिक किया जाएगा। इसके बाद आम नागरिकों, बिल्डरों और जमीन कारोबारियों से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। सुनवाई पूरी होने के बाद प्रशासन नई दरों की अंतिम अधिसूचना जारी करेगा, जिसके बाद संशोधित सर्किल रेट प्रभावी हो जाएंगे।
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