Govardhan Mudiya Purnima Mela 2026 : ब्रज की पावन धरती गोवर्धन में विश्व प्रसिद्ध राजकीय मुड़िया पूर्णिमा मेला गुरुवार से धार्मिक उल्लास और भव्यता के साथ शुरू हो गया। 23 से 30 जुलाई तक चलने वाले इस मेले में देश-विदेश से रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन का अनुमान है कि इस बार करीब दो करोड़ श्रद्धालु गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए योगी सरकार ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और भीड़ प्रबंधन के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।
मेला शुरू होते ही गोवर्धन धाम की गलियां और परिक्रमा मार्ग श्रद्धालुओं से भर गए। हर ओर ‘राधे-राधे’ और ‘गिरिराज महाराज की जय’ के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालु सबसे पहले दानघाटी पहुंचकर गिरिराज महाराज का दुग्धाभिषेक और पूजा-अर्चना कर 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा का संकल्प ले रहे हैं।
Govardhan Mudiya Purnima Mela 2026
उमस और तेज धूप के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत देने के लिए मानसी गंगा क्षेत्र में फव्वारों की व्यवस्था भी की गई है, जिससे परिक्रमा करने वालों को कुछ राहत मिल रही है। करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र को 9 सुपर जोन, 21 जोन और 62 सेक्टर में विभाजित किया है। प्रत्येक सेक्टर में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की अलग-अलग जिम्मेदारी तय की गई है। पूरे मेले में चार हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जबकि भीड़ नियंत्रण के लिए 150 बैरियर, 6 स्थायी और 37 अस्थायी पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
हर गतिविधि पर नजर
मेले की सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाया गया है। पूरे मेला क्षेत्र में 183 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे की जा रही है। इसके अलावा 31 वॉच टावर बनाए गए हैं, जहां से सुरक्षा कर्मी लगातार भीड़ की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। श्रद्धालुओं को दिशा-निर्देश, यातायात और जरूरी सूचनाएं देने के लिए 350 पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगाए गए हैं। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार स्वयं व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं का विशेष इंतजाम किया गया है। विभिन्न मार्गों पर अतिरिक्त बसों का संचालन किया जा रहा है, जबकि रेलवे ने भी विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी न हो।
मेला क्षेत्र में चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी। प्रशासन का कहना है कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
तकनीक का दिखा अनूठा संगम
इस वर्ष का मुड़िया पूर्णिमा मेला केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन का भी उदाहरण बनकर सामने आया है। आधुनिक तकनीक, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, सुचारु यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किए गए इंतजामों ने मेले को और अधिक व्यवस्थित बना दिया है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या नया रिकॉर्ड बनाएगी और गोवर्धन धाम एक बार फिर विश्व स्तर पर अपनी धार्मिक गरिमा और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के लिए पहचान बनाएगा।
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