Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर में अब देशभर के मंदिरों के लिए पुजारियों को तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्थायी पुजारी प्रशिक्षण पाठशाला स्थापित करने का फैसला किया है। इस संस्थान में वैदिक और रामानंदी परंपरा के अनुसार पूजा-पद्धति, धार्मिक अनुष्ठान और मंदिर संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ट्रस्ट का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षित पुजारियों को तैयार करना है, जो देश और विदेश के मंदिरों में जाकर अयोध्या की धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ा सकें।
ट्रस्ट के अनुसार प्रशिक्षण के लिए इच्छुक बटुकों का चयन तय प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। आवेदन कैसे लिए जाएंगे और चयन किन मानकों पर होगा, इसका प्रारूप तैयार किया जा रहा है। खास बात यह है कि प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क होगा।
Ayodhya Ram Mandir
प्रशिक्षण के दौरान रहने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी ट्रस्ट की ओर से की जाएगी, ताकि आर्थिक स्थिति किसी भी अभ्यर्थी के लिए बाधा न बने। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि राम मंदिर निर्माण के दौरान एक वर्ष का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया था, जिसमें करीब 30 पुजारियों को तैयार किया गया था। बाद में यह कार्यक्रम बंद हो गया था। अब इसे स्थायी रूप देने का निर्णय लिया गया है। फिलहाल यह तय किया जा रहा है कि पाठशाला मंदिर परिसर के किस हिस्से में स्थापित होगी। ट्रस्ट सदस्यों की सहमति के बाद निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
मिलेगी शिक्षा
नई पाठशाला में केवल मंत्रों का उच्चारण या धार्मिक अनुष्ठानों की शिक्षा ही नहीं दी जाएगी, बल्कि मंदिर संचालन से जुड़े व्यावहारिक विषय भी पढ़ाए जाएंगे। प्रशिक्षुओं को वैदिक और रामानंदी परंपरा के अनुसार पूजा-विधि, मंत्रों का शुद्ध उच्चारण, धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन, मंदिर प्रबंधन, अनुशासन, शुद्धता के नियम और आचार-संहिता का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने वाले पुजारी विभिन्न मंदिरों में सेवा देने के योग्य होंगे।
आयोजनों की निगरानी
ट्रस्ट ने मंदिर की धार्मिक गतिविधियों के संचालन के लिए नौ सदस्यीय धार्मिक समिति का भी गठन किया है। इसमें पांच सदस्य अयोध्या के संत समाज से और चार ट्रस्ट की ओर से शामिल होंगे। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि मंदिर में पूजा-पद्धति निर्धारित परंपरा के अनुसार हो। रामनवमी, सीता नवमी और विवाह पंचमी जैसे पर्वों की तिथियों पर अंतिम निर्णय भी यही समिति करेगी। साथ ही वेदपाठ, यज्ञ, धार्मिक अनुष्ठानों और प्रशिक्षित पुजारियों के अनुशासन की समय-समय पर समीक्षा भी करेगी।
लिए गए फैसले
बैठक में ट्रस्ट ने चढ़ावा गिनती में सामने आई अनियमितताओं को लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और वित्त समिति को भविष्य की व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए। मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का भी आकलन किया गया। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे CCTV कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। इसके अलावा सोने-चांदी के चढ़ावे की जांच भारतीय रिजर्व बैंक की सहयोगी संस्था इंडिया गवर्नमेंट मिंट के माध्यम से पहले की तरह जारी रहेगी।
वहीं, 5200 से अधिक आवेदनों के कारण नए CEO के चयन में समय लगने की बात कहते हुए ट्रस्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तहत सचिव नियुक्त करने और पहली बार आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का भी फैसला किया, ताकि सभी आधिकारिक जानकारियां एक ही माध्यम से जारी की जा सकें।
Read More : CM Yogi ने गोरखपुर के पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर का किया लोकार्पण, 995 करोड़ की परियोजनाओं की दी सौगात




