UP Home Guard Recruitment : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि प्रदेश में 45 हजार होमगार्डों की भर्ती प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन युवाओं को ‘आपदा मित्र’ के रूप में प्रशिक्षण दिया जा चुका है, उन्हें भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही भविष्य में सभी होमगार्डों के लिए आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनकी भूमिका और अधिक प्रभावी हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार होमगार्डों के कल्याण के लिए लगातार सुविधाएं बढ़ा रही है।
उन्हें मानदेय के साथ पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। ड्यूटी के दौरान किसी दुर्घटना या अप्रिय घटना की स्थिति में परिजनों को लगभग 35 से 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये की अतिरिक्त मदद का भी प्रावधान है।
UP Home Guard Recruitment
मुख्यमंत्री ने रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के नए मुख्यालय भवन का उद्घाटन किया। 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार इस भवन के साथ प्राधिकरण की नई वेबसाइट का भी शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, राजस्व राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक राजेश्वर सिंह, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, प्रमुख सचिव (राजस्व) अपर्णा यू और डीजीपी राजीव कृष्णा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जागरूकता पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने बचपन का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले स्कूलों और परिवारों में आग, बाढ़ और भूकंप जैसी आपदाओं से बचाव की जानकारी दी जाती थी। उन्होंने कहा कि आज भी ऐसी जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी हादसे के दौरान वीडियो बनाने के बजाय राहत और बचाव कार्य में सहयोग करें। बहराइच में हाल ही में मगरमच्छ के हमले में एक बच्चे की मौत का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे बेहद दुखद बताया और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी।
लखनऊ में आज ₹200 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नवीन मुख्यालय भवन का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर प्राधिकरण की वेबसाइट का शुभारंभ और आपदा के समय राहत-बचाव में प्रशंसनीय कार्य करने वाले SDRF, PAC व अग्निशमन सेवा के आठ कार्मिकों का… pic.twitter.com/Wdi7UZgpfF
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 19, 2026
सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने मानव-वन्यजीव संघर्ष को भी आपदा की श्रेणी में शामिल किया है। उन्होंने बताया कि बिजनौर में पिछले दो वर्षों के दौरान करीब 80 तेंदुओं का रेस्क्यू किया गया है। गन्ने के खेतों में पाए जाने वाले इन तेंदुओं को स्थानीय लोग ‘शुगर लेपर्ड’ कहने लगे हैं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और लोगों में जागरूकता बढ़ाकर बड़ी जनहानि रोकी जा सकती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 4,000 से अधिक लोग मानव-वन्यजीव संघर्ष और करीब 5,000 लोग अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने एसडीएमए को राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों के साथ समन्वय बढ़ाने और सभी 17 नगर निगमों में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
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