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UP की हर गली में मिलने वाली मिठाई, दूर-दूर तक मशहूर स्वाद; ऐसे होता है तैयार

UP Launglata Sweet : भारत अपनी समृद्ध खानपान परंपरा और क्षेत्रीय स्वादों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। हर राज्य की अपनी अलग पहचान है और उत्तर प्रदेश भी अपने अनोखे व्यंजनों व मिठाइयों के लिए खास स्थान रखता है। लखनऊ की बास्केट चाट, कानपुर के ठग्गू के लड्डू और वाराणसी की मलइयो जितनी प्रसिद्ध हैं, उतनी ही लोकप्रिय एक पारंपरिक मिठाई लौंगलता भी है। यह मिठाई उत्तर प्रदेश के कई शहरों में आसानी से मिल जाती है और अपनी कुरकुरी परतों व मीठे स्वाद के कारण लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। लौंगलता मैदा और खोए से तैयार की जाने वाली पारंपरिक मिठाई है।

इसके अंदर पंचमेवा, बादाम और इलायची की भरावन की जाती है, जबकि ऊपर से इसे चाशनी में डुबोकर तैयार किया जाता है। सुनहरे-भूरे रंग की यह मिठाई बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम होती है। बनारस, लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज जैसे शहरों में इसकी खास मांग रहती है और त्योहारों से लेकर सामान्य दिनों तक मिठाई की दुकानों पर यह आसानी से मिल जाती है।

UP Launglata Sweet

आमतौर पर चाशनी में डूबी होने की वजह से लौंगलता का स्वाद मधुमेह के मरीज नहीं ले पाते। लेकिन प्रयागराज के शिवकुटी स्थित मेला रोड पर मौजूद धनुराम की मिठाई की दुकान इस पारंपरिक मिठाई का अलग रूप पेश करती है। यहां शुगर-फ्री लौंगलता तैयार किया जाता है, जिसे लेकर दुकान काफी चर्चित है। स्थानीय लोगों के अलावा इंदौर, नागपुर और रांची जैसे शहरों से आने वाले ग्राहक भी इसका स्वाद लेने पहुंचते हैं।

स्वाद है खास

दुकान संचालक धनुराम बताते हैं कि उन्होंने करीब तीन दशक पहले इसी मिठाई के साथ अपने कारोबार की शुरुआत की थी। उनके अनुसार लौंगलता बनाने की पारंपरिक विधि में कुछ खास बदलाव किए गए हैं। भरावन में खोए के साथ पंचमेवा, मिश्री और अन्य सामग्री का संतुलित मिश्रण किया जाता है, जबकि मैदे के मोयन में शुद्ध देसी घी मिलाया जाता है। इससे बाहरी चाशनी कम मात्रा में सोखती है और मिठाई अपेक्षाकृत कम मीठी बनती है। धनुराम का दावा है कि उनके विशेष तरीके से तैयार किए गए लौंगलता की मिठास सामान्य मिठाइयों की तुलना में कम होती है, इसलिए इसे मधुमेह के मरीज भी सीमित मात्रा में खा सकते हैं।

आप भी जरूर चखें

इस दावे की कोई चिकित्सीय पुष्टि उपलब्ध नहीं है, इसलिए डायबिटीज से पीड़ित लोगों को इसे खाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेना उचित रहेगा। अगर आप प्रयागराज घूमने का कार्यक्रम बना रहे हैं और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेना चाहते हैं, तो पारंपरिक लौंगलता के साथ इस खास शुगर-फ्री संस्करण को भी जरूर आजमा सकते हैं। 30 वर्षों से एक ही स्वाद और गुणवत्ता बनाए रखने वाली यह दुकान आज भी शहर के लोकप्रिय मिठाई ठिकानों में गिनी जाती है।

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