UP Weather Today : उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर पूरी ताकत के साथ दस्तक दे दी है। रविवार सुबह से ही लखनऊ, कानपुर, बरेली, गोरखपुर, अयोध्या, चंदौली समेत कई शहरों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने राज्य के सभी 75 जिलों के लिए वर्षा का अलर्ट जारी किया है, जबकि 31 जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार सक्रिय हो रहे मानसूनी सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम इसी तरह बना रहने का अनुमान है।
लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रदेश की प्रमुख नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। बलिया में सरयू नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, जिससे करीब 100 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
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नदी किनारे कटान भी तेज हो गया है और कई स्थानों पर जमीन खिसकने की घटनाएं सामने आई हैं। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी के कटाव से एक मकान नदी में समा गया। कानपुर में गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बोटिंग पर रोक लगा दी है। वाराणसी के घाटों की सीढ़ियां पानी में डूबने लगी हैं, जबकि प्रयागराज और मथुरा में भी प्रशासन लोगों को नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दे रहा है।
कई जिलों में जलभराव
शनिवार और रविवार की बारिश ने कई शहरों की रफ्तार धीमी कर दी। गोरखपुर में कुछ घंटों की तेज बारिश के बाद सड़कें पानी से भर गईं और कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई। अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों तक में पानी पहुंचने की घटनाएं सामने आईं। सीतापुर, अयोध्या और अन्य जिलों में भी सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है, क्योंकि धान समेत खरीफ की फसलों के लिए पर्याप्त नमी मिल रही है।
जारी की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और उसके उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने से मानसूनी हवाएं उत्तर प्रदेश की ओर सक्रिय हो गई हैं। इसी वजह से प्रदेश में बारिश का सिलसिला तेज हुआ है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 24 जुलाई तक कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश जारी रह सकती है। लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी बाढ़ संभावित जिलों में निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
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