Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्थापना के छह वर्ष बाद पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर भर्ती की घोषणा की है। इच्छुक उम्मीदवारों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आवेदन करने वाले अभ्यर्थी का हिंदू होना अनिवार्य है और उसकी आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित की गई है। चयनित CEO ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी को रिपोर्ट करेंगे। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तय की गई है।
इसी बीच राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। अदालत ने राज्य सरकार की ओर से गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अब तक की जांच की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।
Ayodhya Ram Mandir
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में SIT के गठन, उसकी संरचना और जांच अधिकारियों की जानकारी भी शामिल होनी चाहिए। साथ ही मामले से जुड़े सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया गया है। अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ चार अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। इन याचिकाओं में मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने और राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की गई है। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि जांच की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी।
न्यायिक हिरासत 27 जुलाई तक बढ़ी
चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विशेष अदालत में पेश किया गया। प्रभारी एडीजे प्रतिभा नारायण की अदालत ने सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ाते हुए 27 जुलाई तक कर दी। इससे पहले पुलिस चार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। फिलहाल सभी आरोपी फैजाबाद जेल की अलग-अलग बैरकों में बंद हैं।
राजनीतिक और धार्मिक प्रतिक्रियाएं
हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास ने सुप्रीम कोर्ट और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि जांच से सच्चाई सामने आएगी। वहीं फैजाबाद बार एसोसिएशन के सदस्य आफताब खान ने कहा कि यदि ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा। दूसरी ओर साध्वी ऋतंभरा ने चढ़ावे में गड़बड़ी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई। शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी मामले की CBI जांच कराने की मांग उठाते हुए ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
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