UP Monsoon Update : उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां भले ही कमजोर पड़ गई हों, लेकिन उत्तराखंड और अन्य पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश का असर प्रदेश की नदियों पर साफ दिखाई देने लगा है। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर बनी कई अस्थायी दुकानें पानी की चपेट में आ गई हैं। श्रद्धालु पानी से घिरे घाटों पर ही पूजा-अर्चना करते नजर आए। वहीं बिजनौर में मालन नदी उफान पर है, जहां कई छोटे पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण आवाजाही प्रभावित हो रही है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सरयू और घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती क्षेत्रों में कटान शुरू हो गई है।
बांसडीह क्षेत्र में हालात बिगड़ने के बाद करीब 150 परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। दूसरी ओर महराजगंज में सोमवार देर शाम से शुरू हुई बारिश मंगलवार सुबह तक जारी रही, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।
UP Monsoon Update
मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान की ओर से आ रही सूखी हवाओं और मानसून ट्रफ के हिमालय की तलहटी की ओर खिसकने के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसूनी बादल कमजोर पड़ गए हैं। इसके चलते अगले तीन से चार दिनों तक पश्चिमी जिलों में अच्छी बारिश की संभावना कम है। लखनऊ, गाजियाबाद, आगरा और आसपास के इलाकों में धूप और उमस लोगों की परेशानी बढ़ाएगी। कई जिलों में दिन का तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है।
25 जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 25 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। गोरखपुर में दिनभर बादल छाए रहने और शाम तक बारिश होने के संकेत हैं, जबकि महराजगंज में अगले दो से तीन दिन रुक-रुककर बारिश जारी रहने का अनुमान है। वाराणसी में भी अगले चार से पांच दिनों तक हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। वहीं, लखनऊ में सुबह बादल छाए रहने के बाद धूप निकल आई, जिससे उमस बढ़ गई। अयोध्या और बाराबंकी में भी मौसम का यही मिजाज देखने को मिला।
सामान्य से 19% कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश के केवल 16 शहरों में बारिश दर्ज की गई। जहां औसतन 8.8 मिलीमीटर वर्षा का अनुमान था, वहीं वास्तविक बारिश केवल 2.9 मिलीमीटर रही। एक जून से अब तक प्रदेश में कुल 161.6 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो सामान्य से लगभग 19 प्रतिशत कम है। महराजगंज, गोरखपुर, श्रावस्ती, संतकबीर नगर और सिद्धार्थनगर में अपेक्षाकृत अधिक बारिश दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही बंगाल की खाड़ी में नया मौसमी तंत्र सक्रिय होगा, प्रदेश में बारिश की गतिविधियां फिर से तेज हो सकती हैं। फिलहाल लोगों को गर्मी और उमस के साथ कुछ और दिन इंतजार करना होगा।
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