Ayodhya Ram Temple : अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अपनी शुरुआती रिपोर्ट सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है। रविवार शाम टीम मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए पहुंची थी, लेकिन व्यस्त कार्यक्रमों और मानसून सत्र से जुड़ी बैठकों के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। अब माना जा रहा है कि रिपोर्ट जल्द ही मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएगी। जांच के दौरान SIT ने छह दिनों में बड़ी मात्रा में साक्ष्य जुटाए हैं। टीम ने सात पेन ड्राइव में महत्वपूर्ण डेटा सुरक्षित किया है।
सूत्रों के अनुसार, जांच में करीब 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से लगभग 25 लोगों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। जिन लोगों से पूछताछ की जा चुकी है, उन्हें अगले आदेश तक अयोध्या छोड़कर कहीं बाहर न जाने की हिदायत दी गई है।
Ayodhya Ram Temple
जांच के दायरे में मंदिर ट्रस्ट के कई प्रमुख पदाधिकारी भी आए हैं। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से पूछताछ की जा चुकी है। सूत्रों का दावा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों की जिम्मेदारियों की समीक्षा हो सकती है। वहीं मंदिर निर्माण से जुड़े गोपाल राव की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज है। मंदिर प्रबंधन से जुड़े रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से SIT ने लगातार कई दिनों तक पूछताछ की। टीम ने उसके करीबी लोगों, रिश्तेदारों और उनसे जुड़ी संपत्तियों का भी विवरण जुटाया है। जांच एजेंसी ने सीसीटीवी फुटेज, दान राशि की गिनती की प्रक्रिया, बैंक तक रकम पहुंचाने की व्यवस्था और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की है।
दो करोड़ रुपये की बरामदगी
अब तक की जांच में पांच आरोपियों की निशानदेही पर लगभग दो करोड़ रुपये की बरामदगी की बात सामने आई है। जांच टीम ने वर्ष 2021 तक के रिकॉर्ड, दानपात्रों की राशि के उपयोग, खर्चों और भूमि खरीद से जुड़े दस्तावेजों की भी समीक्षा की है। बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ की गई है ताकि धनराशि के प्रबंधन में संभावित चूक या अनियमितताओं का पता लगाया जा सके। मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी बयानबाजी जारी है। विपक्षी दलों ने जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता की मांग की है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अयोध्या दौरे के दौरान कहा था कि SIT जांच पूरी निष्पक्षता से होगी और सच सामने लाया जाएगा। उन्होंने लोगों से जांच पूरी होने तक अनावश्यक टिप्पणियों से बचने की भी अपील की थी।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव की चर्चा
जांच के बीच राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट आने के बाद चढ़ावे की गिनती, वित्तीय प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को लेकर नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की जा सकती है। इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी।
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