Delhi News : दिल्ली में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था जल्द ही पूरी तरह तकनीक आधारित होने जा रही है। राजधानी में पंजीकृत सभी कमर्शियल वाहनों के लिए दिल्ली के भीतर ही फिटनेस परीक्षण कराना अनिवार्य किया जाएगा। इसके लिए सरकार नौ ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (एटीएस) विकसित कर रही है, जहां अत्याधुनिक मशीनों की मदद से वाहनों की जांच की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और फिटनेस परीक्षण प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाना है। दिल्ली को जल्द ही दो अत्याधुनिक ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर मिलने वाले हैं।
नंद नगरी और तेहखंड में इन केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है और इनके उद्घाटन की तैयारियां चल रही हैं। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah इनके शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। इन दोनों केंद्रों की क्षमता इतनी होगी कि प्रत्येक केंद्र में सालाना लगभग 72 हजार वाहनों की फिटनेस जांच की जा सकेगी।
Delhi में बनेंगे 9 ऑटोमेटेड सेंटर
इन ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि पूरी जांच प्रक्रिया मशीनों और डिजिटल सिस्टम के जरिए संचालित होगी। वाहन की फिटनेस रिपोर्ट तैयार करने में किसी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और जांच प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता या पक्षपात की संभावना भी कम होगी। सेंटरों में वाहनों के ब्रेक सिस्टम, सस्पेंशन, हेडलाइट एलाइनमेंट, अंडरबॉडी की स्थिति और प्रदूषण स्तर की जांच अत्याधुनिक उपकरणों से की जाएगी। सभी परीक्षण निर्धारित मानकों के अनुसार होंगे और परिणाम डिजिटल रूप से दर्ज किए जाएंगे। इससे वाहन मालिकों को तेज और सटीक सेवाएं मिल सकेंगी।
9 सेंटर बनाने की योजना
दिल्ली सरकार की योजना के अनुसार राजधानी में कुल नौ ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में झुलझुली में संचालित सेमी-ऑटोमेटेड सेंटर को भी पूरी तरह ऑटोमेटेड बनाया जाएगा। इसके अलावा बुराड़ी में नया सेंटर निर्माणाधीन है। भविष्य में बवाना, गाजीपुर, सावदा घेवरा, जीटीके डिपो और दिचाऊं कलां में भी नए केंद्र विकसित किए जाएंगे। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने अतिरिक्त पांच ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों की मंजूरी के लिए प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद इन परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा। इन सभी केंद्रों का संचालन डीटीसी द्वारा किया जाएगा।
सात लाख वाहनों को मिलेगा लाभ
दिल्ली में वर्तमान समय में करीब सात लाख व्यावसायिक वाहन पंजीकृत हैं। नए ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर शुरू होने के बाद इन वाहनों की फिटनेस जांच राजधानी में ही कराना अनिवार्य होगा। इससे वाहन मालिकों को बेहतर सुविधा मिलेगी और सड़क सुरक्षा मानकों को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटोमेटेड फिटनेस जांच प्रणाली लागू होने से सड़क पर चलने वाले वाहनों की गुणवत्ता बेहतर होगी। साथ ही तकनीक आधारित परीक्षण व्यवस्था से भ्रष्टाचार और मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी। यह कदम सड़क सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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