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Lucknow में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का शुभारंभ, पूर्वानुमान होगा और सटीक; CM योगी ने किया उद्घाटन

Lucknow Weather Science Center : उत्तर प्रदेश में मौसम संबंधी जानकारी को और अधिक सटीक तथा प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया। इस केंद्र के शुरू होने से प्रदेश में मौसम की निगरानी, पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन की क्षमता को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही किसानों को भी समय रहते मौसम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध हो सकेंगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की खाद्य सुरक्षा में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राज्यों में शामिल है।

उन्होंने बताया कि देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी काफी बड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक संसाधनों का बेहतर उपयोग कर कृषि उत्पादन को और बढ़ाया जा सकता है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Lucknow में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मौसम विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिले हैं। पहले मौसम की जानकारी अक्सर सटीक नहीं होती थी, लेकिन अब आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रणालियों के कारण पूर्वानुमान अधिक भरोसेमंद हो गया है। उन्होंने कहा कि समय पर मिलने वाली मौसम संबंधी जानकारी किसानों, आम नागरिकों और प्रशासन के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समय रहते जारी होने वाली चेतावनियों का सकारात्मक असर अब साफ दिखाई दे रहा है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कई अवसरों पर मौसम विभाग की अग्रिम चेतावनी ने लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आकाशीय बिजली जैसी घटनाओं से होने वाली मौतों में भी पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इससे आपदा प्रबंधन व्यवस्था की प्रभावशीलता बढ़ी है।

ISRO से किया अनुरोध

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम संबंधी जानकारी को और अधिक सटीक बनाने के लिए राज्य सरकार अपना उपग्रह स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास कर रही है। इसके लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से सहयोग का अनुरोध किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सैकड़ों ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और हजारों वर्षामापी यंत्र लगाए जा चुके हैं, जो मौसम की वास्तविक समय की जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं।

राडार नेटवर्क को किया जा रहा मजबूत

प्रदेश में मौसम निगरानी तंत्र को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न शहरों में आधुनिक एक्स-बैंड डॉप्लर वेदर राडार स्थापित किए जा रहे हैं। आजमगढ़, वाराणसी, अलीगढ़, झांसी और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। इन राडारों की मदद से बारिश, आंधी और अन्य मौसमीय गतिविधियों का सटीक आकलन किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने जलवायु परिवर्तन को भविष्य की बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि मौसम चक्र में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। यदि समय रहते इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया।

पीड़ित परिवारों को मिल रही सहायता

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि आकाशीय बिजली जैसी प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मौसम विभाग को मजबूत बनाने और आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश सरकार हरसंभव सहयोग देती रहेगी।

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