Punjab Nagar Nikay Election Result 2026 : पंजाब में हुए नगर निगम, नगर कौंसिल और नगर पंचायत चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीति की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना में आम आदमी पार्टी ने अधिकांश क्षेत्रों में बढ़त बनाते हुए बड़ा प्रदर्शन किया। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, AAP उम्मीदवार 683 वार्डों में जीत दर्ज कर चुके हैं।
राज्य की सत्ता में बैठी आम आदमी पार्टी ने इन नतीजों को अपनी नीतियों और संगठन की जीत बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जनता ने विकास और पारदर्शिता की राजनीति पर भरोसा जताया है।
Punjab Nagar Nikay Election Result 2026
हालांकि, पूरे राज्य में AAP का दबदबा देखने को मिला, लेकिन कपूरथला नगर निगम में कांग्रेस ने जोरदार वापसी की। यहां कुल 50 वार्डों में से कांग्रेस ने 28 सीटों पर जीत हासिल कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया। AAP को यहां केवल 10 सीटों से संतोष करना पड़ा। भाजपा को 3 और अकाली दल को 2 वार्डों में जीत मिली। बाकी सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाजी मारी। स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह की सक्रियता ने पार्टी को यहां मजबूत बढ़त दिलाई।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के प्रभाव वाले चमकौर साहिब में भी कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया। नगर कौंसिल के 13 वार्डों में से कांग्रेस ने 11 पर कब्जा कर लिया। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह परिणाम दर्शाते हैं कि पार्टी अभी भी पंजाब के कई इलाकों में मजबूत पकड़ बनाए हुए है। वहीं AAP को यहां उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली।
मोहाली में AAP नेता सन्नी आहलूवालिया की जीत
मोहाली नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी के नेता सन्नी आहलूवालिया ने वार्ड नंबर-6 से जीत दर्ज की। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी मनजीत सिंह सेठी को हराया। सन्नी आहलूवालिया का नाम पहले से ही मेयर पद के संभावित दावेदारों में लिया जा रहा था। उनकी जीत के बाद समर्थकों ने जश्न मनाया और इसे पार्टी की बड़ी उपलब्धि बताया। मोहाली में AAP का प्रदर्शन पार्टी संगठन के लिए राहत देने वाला माना जा रहा है।
भाजपा और अकाली दल को झटका
निकाय चुनाव के नतीजों में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। भाजपा, जो बंगाल के बाद पंजाब में मजबूत वापसी के दावे कर रही थी, कई जगहों पर पिछड़ती नजर आई। वहीं, अकाली दल भी चौथे स्थान पर खिसक गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में फिलहाल मुकाबला मुख्य रूप से AAP और कांग्रेस के बीच सिमटता दिखाई दे रहा है।
बदला पंजाब का राजनीतिक समीकरण
26 मई को हुए इन निकाय चुनावों को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बेहद अहम माना जा रहा था। नतीजों ने साफ कर दिया कि पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी अभी भी मजबूत स्थिति में है, लेकिन कांग्रेस भी कई इलाकों में अपनी पकड़ बनाए हुए है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इन चुनाव परिणामों से आने वाले समय में विपक्षी दलों की रणनीति बदल सकती है। वहीं सत्ताधारी AAP के लिए यह नतीजे संगठन को और मजबूत करने का संकेत माने जा रहे हैं।
Read More : Karnataka News: सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद दिल्ली में हलचल, DK Shivakumar बन सकते हैं नए मुख्यमंत्री!




