Lucknow Charbagh Railway Station Accident : लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब प्लेटफॉर्म नंबर-5 का एक बड़ा टिन शेड टूटकर नीचे गिर पड़ा। हादसा सुबह करीब 8 बजे हुआ। घटना में एक टीटीई और दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्टेशन प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया।
घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के बाद प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों में दहशत फैल गई और कुछ देर के लिए रेल संचालन भी प्रभावित हुआ।
Lucknow Charbagh Railway Station Accident
जिस समय हादसा हुआ, उसी दौरान हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर पहुंचने वाली थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रेन को हादसे वाली जगह से पहले ही रोक दिया गया। अधिकारियों ने तुरंत क्रेन और मशीनें मंगवाईं, ताकि गिरे हुए टिन शेड को हटाया जा सके। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, अगर ट्रेन कुछ सेकंड पहले प्लेटफॉर्म तक पहुंच जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। मौके पर स्टेशन स्टाफ और रेलवे पुलिस लगातार हालात संभालने में जुटे रहे।
कमजोर हुआ टिन शेड का सपोर्ट
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्टेशन पर इन दिनों रेनोवेशन और कॉनकोर्स निर्माण का काम चल रहा है। इसी वजह से प्लेटफॉर्म नंबर-4 को बंद किया गया था और प्लेटफॉर्म नंबर-5 से ट्रेनों का संचालन हो रहा था। सूत्रों के अनुसार, जिन पिलर्स और रेलिंग के सहारे टिन शेड टिका हुआ था, उन्हें निर्माण कार्य के दौरान कुछ जगहों से ढीला या हटाया गया था। इससे शेड का संतुलन कमजोर हो गया और अचानक करीब 60 से 70 फीट लंबा हिस्सा नीचे गिर गया।
RPF ने बचाई जान
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के वक्त प्लेटफॉर्म पर ज्यादा भीड़ नहीं थी। इंटरसिटी एक्सप्रेस निकल चुकी थी और कुछ यात्री प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे। अचानक जोरदार आवाज हुई और टिन शेड नीचे लटकते हुए गिर पड़ा। इस हादसे में टीटीई भूपेंद्र सिंह, यात्री अभिषेक कुमार और साहिल मलबे में दब गए। RPF जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और शेड को हटाकर तीनों को बाहर निकाला। घायलों को अजंता अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों के अनुसार, टीटीई भूपेंद्र सिंह के दोनों पैरों में फ्रैक्चर हुआ है।
घायल छात्र बोला…
घायल अभिषेक कुमार ने अस्पताल में बताया कि वह लखनऊ यूनिवर्सिटी का छात्र है और नगर निगम की कार्यदायी संस्था में सुपरवाइजर के तौर पर काम करता है। उसने कहा कि अचानक तेज आवाज हुई और टिन शेड उसकी जांघ पर आ गिरा। कुछ समझ पाता, उससे पहले लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। एक अन्य यात्री सौभाग्य सिंह ने रेलवे प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यात्रियों से हर छोटी गलती पर जुर्माना वसूला जाता है, लेकिन स्टेशन की सुरक्षा और रखरखाव पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता।
रेलवे प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
हादसे के बाद DRM सुनील कुमार वर्मा, जीएम रेलवे आरके पांडेय और प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर प्रेम सागर गुप्ता ने मौके का निरीक्षण करने का फैसला लिया। DRM ने कहा कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जो भी एजेंसी या कर्मचारी लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, स्टेशन पर गिरे हुए हिस्से को हटाने का काम जारी है और रेलवे प्रशासन प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा जांच कर रहा है।
Read More : UP PCS Transfer: 15 दिन में दो बार तबादला, अमृता सिंह बनीं अमेठी की ADM Judicial




