Hantavirus: अमेरिका में हंता वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। संक्रमित क्रूज शिप के संपर्क में आए 17 अमेरिकी यात्रियों को विशेष विमान से वापस लाकर नेब्रास्का मेडिकल सेंटर में क्वारंटीन किया गया है। अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग (HHS) के मुताबिक, इन यात्रियों को 42 दिनों तक निगरानी में रखा जाएगा। ये सभी यात्री ‘MV होंडियस’ नाम की उस क्रूज शिप से लौटे हैं, जहां हंता वायरस संक्रमण के मामले सामने आए थे। यह जहाज स्पेन के कैनरी आइलैंड्स में रुका था।
एक यात्री संक्रमित, दूसरे में हल्के लक्षण
रिपोर्ट्स के अनुसार एक यात्री में हंता वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि दूसरे यात्री में हल्के लक्षण पाए गए हैं। एहतियात के तौर पर दोनों को हाई सिक्योरिटी मेडिकल यूनिट में रखा गया है। डॉक्टर अब बाकी यात्रियों की जांच कर रहे हैं। अगर किसी में संक्रमण पाया जाता है तो उसका तुरंत इलाज किया जाएगा। स्वस्थ पाए जाने वाले यात्रियों को बाद में घर भेजा जा सकता है, लेकिन उनकी निगरानी जारी रहेगी।
Hantavirus: 8 हफ्ते बाद तक दिख सकते हैं लक्षण
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, हंता वायरस के लक्षण दिखने में 1 से 8 हफ्ते तक लग सकते हैं। शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, शरीर दर्द, कमजोरी और सांस लेने में दिक्कत शामिल हैं। गंभीर मामलों में फेफड़ों में पानी भर सकता है और किडनी फेल होने का खतरा भी रहता है। WHO के अनुसार संक्रमित लोगों में मृत्यु दर 35-40% तक हो सकती है।
Hantavirus: चूहों और गिलहरियों से फैलता है वायरस
हंता वायरस मुख्य रूप से संक्रमित चूहों, गिलहरियों और अन्य कृंतक जानवरों के मल, पेशाब और लार के संपर्क से फैलता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी “एंडीज” नाम की एक खास किस्म इंसान से इंसान में भी फैल सकती है। संक्रमित व्यक्ति की लार, थूक, साथ खाना खाने या एक ही बिस्तर पर सोने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
अभी तक नहीं है कोई वैक्सीन या इलाज
हंता वायरस का फिलहाल कोई विशेष इलाज या वैक्सीन मौजूद नहीं है। डॉक्टर मरीज के लक्षणों के आधार पर इलाज करते हैं। सांस लेने में दिक्कत होने पर ऑक्सीजन और वेंटिलेटर सपोर्ट दिया जाता है। अमेरिका के नेब्रास्का मेडिकल सेंटर में मौजूद नेशनल क्वारंटीन यूनिट को विशेष नेगेटिव एयर प्रेशर सिस्टम से लैस किया गया है, जिससे वायरस हवा में फैल नहीं पाता।
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