UP News : उत्तर प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने 17 फार्मा कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) सौंपे। इस मौके पर उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में उद्योगों के लिए सुरक्षित, स्थिर और तेज़ी से काम करने वाला माहौल तैयार किया गया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने निवेश के मामले में नई पहचान बनाई है।
स्पष्ट नीतियों और पारदर्शी कामकाज के चलते राज्य अब “बीमारू” की छवि से बाहर निकलकर देश के विकास में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) बढ़कर करीब 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो आर्थिक मजबूती का संकेत है।
UP को मिला एलओसी
सीएम ने निवेशकों से कहा कि उनका निवेश केवल उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की बड़ी आबादी के भरोसे और भविष्य से जुड़ा है। इन परियोजनाओं के तहत लगभग 2000 करोड़ रुपये रिसर्च और डेवलपमेंट में लगाए जाएंगे, जिससे नई तकनीकों के विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इससे 10 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश आज बड़े बाजार के रूप में उभर रहा है, जहां पर्याप्त भूमि, कुशल कार्यबल और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है।
राज्य की 56 फीसदी आबादी युवा है, जिसे कौशल और तकनीक से जोड़कर उद्योगों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा, प्रदेश में 21 हजार से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, जो नवाचार को गति दे रहे हैं।
“कानून-व्यवस्था में बड़ा सुधार”
कानून-व्यवस्था को निवेश का आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद इसमें बड़ा सुधार हुआ है। राज्य अब “पॉलिसी पैरालिसिस” से निकलकर “पॉलिसी स्टेबिलिटी” की ओर बढ़ा है। निवेश मित्र, निवेश सारथी और उद्यमी मित्र जैसी योजनाएं निवेशकों को बेहतर सुविधाएं देने में मदद कर रही हैं। सरकार के मुताबिक, प्रदेश को अब तक करीब 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट जमीन पर उतर चुके हैं। आने वाले समय में 7 से 8 लाख करोड़ रुपये के और निवेश प्रस्ताव लागू होने की उम्मीद है।
40 मेडिकल कॉलेज
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़े बदलाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 तक प्रदेश में 40 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 83 हो गई है। हर मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेज की व्यवस्था भी की गई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है। एलओसी पाने वाली कंपनियों में बाराबंकी, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, अलीगढ़, रायबरेली, बरेली और अन्य जिलों में निवेश करने वाली कंपनियां शामिल हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
Read More : 8th Pay Commission पर हलचल, सैलरी ₹72,000 तक करने की मांग




