TMC Crisis : पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मतभेदों की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी के सार्वजनिक बयान और हाल के इस्तीफों ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है।
इसी बीच पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर उठ रहे सवालों ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
TMC Crisis
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने सार्वजनिक तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ममता बनर्जी को तय करना होगा कि वह उनके साथ हैं या अभिषेक बनर्जी के साथ… उन्होंने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नेताओं को पर्याप्त सम्मान नहीं मिल रहा और हालिया फर्जी हस्ताक्षर मामले में वकील बदले जाने की जानकारी उन्हें देर रात मिलने से वह खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने अपने पद और पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने पश्चिम Bengal के चुनावी नतीजों और जनादेश का हवाला देते हुए अपने फैसले को उचित बताया। उन्होंने भविष्य की राजनीतिक भूमिका पर फिलहाल कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया, लेकिन कहा कि समय आने पर सब सामने आएगा।
अंदरूनी मतभेदों पर बढ़ी चर्चा
हाल के दिनों में टीएमसी के कई नेताओं और बागी खेमे की ओर से संगठन और नेतृत्व को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं। हालांकि, 20 सांसदों या बड़ी संख्या में विधायकों के अलग गुट बनाने जैसे दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है। ऐसे दावों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। फर्जी हस्ताक्षर मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को अंतरिम राहत देते हुए तीन सप्ताह तक किसी कठोर कार्रवाई पर रोक लगाई है। उन्हें जांच में शामिल होने के लिए सीआईडी के समक्ष पेश होने का निर्देश भी दिया गया है।
बड़ी बातें
- कल्याण बनर्जी ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई
- प्रकाश चिक बड़ाईक ने राज्यसभा और पार्टी से इस्तीफा दिया
- फर्जी हस्ताक्षर मामले को लेकर विवाद तेज
- पार्टी के भीतर मतभेदों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी
- कई दावों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी के भीतर उठ रहे सवालों ने नई राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया और घटनाक्रम इस पूरे मामले की दिशा तय करेंगे।
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