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UP वृंदावन नाव हादसा: यमुना से 2 और शव बरामद, मृतकों की संख्या पहुंची 13

UP Vrindavan Boat Accident
UP Vrindavan Boat Accident

UP News : वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है। शुक्रवार को हुए इस हादसे के बाद से राहत और बचाव टीमें पानी में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। शनिवार शाम तक 11 शव बरामद किए जा चुके थे, वहीं रविवार सुबह दो और श्रद्धालुओं के शव मिलने से मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।

रविवार को जिन दो लोगों के शव मिले हैं, उनकी पहचान पंजाब के लुधियाना निवासी ऋषभ शर्मा और डिंकी बंसल के रूप में हुई है। दोनों श्रद्धालु अपने परिवार के साथ वृंदावन घूमने आए थे। हादसे के बाद से उनके परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे, जो अब दुखद खबर में बदल गई।

UP वृंदावन नाव हादसा

इस हादसे ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है। डिंकी बंसल की मां मीनू बंसल की मौत पहले ही हो चुकी थी, उनका शव शुक्रवार को ही निकाल लिया गया था। एक ही परिवार के दो लोगों की मौत से घर में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस पीड़ित परिवारों से संपर्क में हैं। बताया जा रहा है कि नौका विहार के दौरान मोटरबोट पैंटून पुल के पीपे से टकरा गई, जिससे नाव असंतुलित होकर पलट गई। नाव में पंजाब से आए श्रद्धालु सवार थे। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग यमुना में डूब गए।

चालक और ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज

पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मोटरबोट चालक और पैंटून पुल के ठेकेदार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में इन्हें लापरवाही का जिम्मेदार माना गया है। जिला प्रशासन ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। डीएम सीपी सिंह ने एडीएम वित्त डॉक्टर पंकज वर्मा को जांच सौंपी है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद अन्य दोषियों की भूमिका भी सामने लाई जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

भूमिका पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद प्रशासनिक लापरवाही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। चर्चा है कि सिर्फ नाव चालक और ठेकेदार पर कार्रवाई कर मामले को सीमित किया जा रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि जब पैंटून पुल का काम चल रहा था, तब संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर क्यों नहीं थे। यह भी सवाल उठ रहा है कि पुल निर्माण के दौरान नाव संचालन की अनुमति कैसे दी गई। भारतीय अंतर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग की भूमिका को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

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