Tata Steel : टाटा ग्रुप की टाटा स्टील ने गुरुवार 9 अप्रैल 2026 को एक अहम जानकारी दी। कंपनी ने बताया कि उसने अपनी ही एक सहायक कंपनी में पूरी हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इससे पहले उसके पास 99.99% हिस्सेदारी थी, जो अब बढ़कर 100% हो गई है। टाटा स्टील ने टाटा स्टील कलर्स प्राइवेट लिमिटेड में यह हिस्सेदारी हासिल की है। इस कंपनी को पहले टाटा ब्लूस्कोप स्टील प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जाना जाता था। यह कदम कंपनी की रणनीतिक योजनाओं का हिस्सा माना जा रहा है।
कंपनी के मुताबिक, यह अधिग्रहण 12 नवंबर 2025 को हुए शेयर खरीद समझौते के तहत पूरा किया गया। टाटा स्टील ने बचे हुए 0.01% यानी 10,000 इक्विटी शेयर खरीदे। इन शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर थी और कुल सौदा करीब 0.03 करोड़ रुपये में हुआ।
Tata Steel ने बढ़ाया दायरा
इस डील के बाद टाटा स्टील कलर्स अब कंपनी की पूरी तरह से स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन गई है। पहले यह आंशिक रूप से नियंत्रित थी, लेकिन अब कंपनी का इस पर पूरा नियंत्रण हो गया है। इससे भविष्य में फैसले लेने में आसानी होगी। टाटा स्टील का कहना है कि यह कदम उसके बिजनेस को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। पूरी हिस्सेदारी मिलने से संचालन में बेहतर तालमेल और तेजी से फैसले लेने में मदद मिलेगी। इसे कंपनी के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
क्षमता बढ़ाने पर जोर
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर टी.वी. नरेंद्रन ने कहा है कि भारत में स्टील की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में कंपनी अपनी मौजूदा उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है, ताकि घरेलू जरूरतों को पूरा किया जा सके। नरेंद्रन ने साफ किया कि फिलहाल कंपनी किसी बड़े विलय या अधिग्रहण की योजना नहीं बना रही है। उनका कहना है कि फोकस मौजूदा प्लांट्स और सुविधाओं के विस्तार पर है, जिससे भविष्य की मांग को पूरा किया जा सके।
Read More : Top Mutual Funds ने 3 साल में कमाल, 50% से ज्यादा रिटर्न



