Infosys : देश की दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस ने वित्त वर्ष 2026 के आखिर में अपने अंतरराष्ट्रीय विस्तार को नई रफ्तार दी है। कंपनी ने अमेरिका की दो कंपनियों के अधिग्रहण का ऐलान किया है, जिससे हेल्थकेयर और इंश्योरेंस सेक्टर में उसकी पकड़ और मजबूत होने जा रही है। यह कदम साफ तौर पर दिखाता है कि इन्फोसिस अब पारंपरिक आईटी सेवाओं से आगे बढ़कर खास सेक्टर्स में गहराई से उतरना चाहती है।
इन्फोसिस ने हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी कंपनी Optimum Healthcare IT को करीब 465 मिलियन डॉलर (लगभग 5,268 करोड़ रुपये) में खरीदने का फैसला किया है। यह पूरी तरह कैश डील है। ऑप्टिमम अस्पतालों और हेल्थ सिस्टम्स को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और कंसल्टिंग सेवाएं देता है।
Infosys की दो बड़ी विदेशी डील
पिछले कुछ सालों में कंपनी की ग्रोथ भी तेज रही है। जहां 2023 में इसका रेवेन्यू करीब 114 मिलियन डॉलर था, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 275 मिलियन डॉलर के पार पहुंच गया। ऐसे में इन्फोसिस के लिए यह अधिग्रहण सीधे तौर पर हेल्थकेयर सेक्टर में बड़ी छलांग माना जा रहा है। इन्फोसिस के सीईओ सलिल पारेख ने कहा कि ऑप्टिमम की विशेषज्ञता को कंपनी के प्लेटफॉर्म Infosys Topaz और Infosys Cobalt के साथ जोड़ा जाएगा। इसका मकसद हेल्थकेयर क्लाइंट्स को बेहतर डेटा, क्लाउड और डिजिटल सॉल्यूशंस देना है। कंपनी का मानना है कि AI और डेटा के इस्तेमाल से मरीजों को पर्सनलाइज्ड केयर मिल सकेगी, वहीं अस्पतालों की कार्यप्रणाली भी ज्यादा तेज और कुशल बनेगी।
बीमा सेक्टर में मजबूती
हेल्थकेयर के साथ-साथ इन्फोसिस ने इंश्योरेंस सेक्टर में भी बड़ा दांव खेला है। कंपनी ने Stratus Global LLC को 95 मिलियन डॉलर में खरीद लिया है। न्यू जर्सी स्थित यह कंपनी प्रॉपर्टी और कैजुअल्टी इंश्योरेंस कंपनियों को टेक्नोलॉजी सेवाएं देती है। Stratus खास तौर पर Guidewire प्लेटफॉर्म पर काम करने में माहिर है और क्लाउड माइग्रेशन व डेटा मॉडर्नाइजेशन में इसकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
AI से बदल रहा बीमा सेक्टर
इन्फोसिस के मुताबिक, P&C इंश्योरेंस सेक्टर तेजी से AI को अपना रहा है। AI की मदद से क्लेम प्रोसेसिंग, रिस्क एनालिसिस और फ्रॉड डिटेक्शन जैसे काम आसान और ज्यादा सटीक हो रहे हैं। Stratus के जुड़ने से इन्फोसिस को इस सेगमेंट में टेक्नोलॉजी और एक्सपर्टाइज दोनों का फायदा मिलेगा। Stratus के पास अमेरिका, कनाडा और भारत में 450 से ज्यादा विशेषज्ञों की टीम है। 2025 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 42.8 मिलियन डॉलर रहा। ऐसे में यह अधिग्रहण इन्फोसिस के लिए सिर्फ नई तकनीक ही नहीं, बल्कि मजबूत टैलेंट पूल भी लेकर आएगा।
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