UP Board : जहां अधिकतर लोग एक बार हाईस्कूल-इंटर पास कर लेने के बाद पढ़ाई को अलविदा कह देते हैं, वहीं दिनेश कुमार ने पढ़ाई को ही अपनी पहचान बना लिया है। पंचायती राज विभाग में तैनात दिनेश इस वर्ष 14वीं बार हाईस्कूल की परीक्षा में शामिल हुए। इससे पहले वे आठ बार इंटरमीडिएट की परीक्षा दे चुके हैं। हर बार वे नए छात्र की तरह परीक्षा केंद्र पहुंचते हैं न घबराहट कम होती है, न उत्साह।
दिनेश सिर्फ परीक्षा देने के लिए परीक्षा नहीं देते, बल्कि हर बार कोई नया विषय चुनते हैं। अब तक वे उर्दू, संस्कृत, बंगाली, पाली और गुजराती जैसी भाषाओं में हाईस्कूल कर चुके हैं। इस बार उन्होंने बंगाली विषय से पेपर दिया।
UP Board: 8 बार इंटर भी पास
उनका परीक्षा केंद्र आर्य कन्या इंटर कॉलेज बना। उनका मानना है कि नई भाषा सीखना नए समाज और संस्कृति को समझने जैसा है। हमीरपुर जिले के ग्राम जमखुरी, पोस्ट जरिया के निवासी दिनेश ने पहली बार 1999 में छह विषयों के साथ हाईस्कूल पास किया था। इसके बाद उन्होंने पढ़ाई को रुकने नहीं दिया। अतिरिक्त विषयों के साथ लगातार हाईस्कूल की परीक्षाएं देते रहे। इंटरमीडिएट भी आठ बार अलग-अलग विषयों से उत्तीर्ण किया। उनके परिचित बताते हैं कि वे रिजल्ट से ज्यादा ज्ञान को महत्व देते हैं।
डिग्रियों की लंबी फेहरिस्त
हाईस्कूल-इंटर के अलावा दिनेश ने तीन बार आईटीआई की, बी-फार्मा किया, ट्रिपल सी का कोर्स और डिप्लोमा हासिल किया। बीए, बीएससी, ह्यूमन राइट्स और टूरिज्म कंप्यूटर जैसे विषयों में भी उन्होंने पढ़ाई की है। शिक्षा उनके लिए महज प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि निरंतर सीखने की प्रक्रिया है। विभागीय जिम्मेदारियों के बीच समय निकालकर पढ़ाई करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।
‘वैज्ञानिक’ के नाम से पहचान
दिनेश को इलाके में कई लोग ‘वैज्ञानिक’ कहकर बुलाते हैं। कुछ समय पहले उन्होंने एक ऐसा हेलमेट तैयार किया था, जिसकी तकनीक के मुताबिक दोपहिया वाहन तब तक स्टार्ट नहीं होगा जब तक चालक हेलमेट न पहने। उनके इस नवाचार पर तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. मन्नान अख्तर ने उन्हें सम्मानित भी किया था। दिनेश कहते हैं कि सीखना कभी खत्म नहीं होना चाहिए। उनके लिए हर परीक्षा एक नया अनुभव है और हर विषय एक नई दुनिया। यही जुनून उन्हें बार-बार परीक्षा कक्ष तक ले आता है।
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