India Railways : भारतीय रेलवे का इतिहास केवल पटरियों और इंजनों का नहीं, बल्कि देश के सामाजिक और आर्थिक सफर का आईना है। उन्नीसवीं सदी में शुरू हुई रेल सेवा ने आजादी से पहले ही भारत को जोड़ने का काम शुरू कर दिया था। भाप के इंजनों से लेकर आज की हाई-स्पीड ट्रेनों तक, रेलवे ने हर दौर में खुद को बदला है। आज यह नेटवर्क देश के कोने-कोने तक फैला है, जहां रोजाना हजारों ट्रेनें करोड़ों यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाती हैं।
कम खर्च, व्यापक पहुंच और अपेक्षाकृत सुरक्षित यात्रा ने इसे आम आदमी का सबसे भरोसेमंद साधन बनाया। गांवों से महानगरों तक, नौकरी से तीर्थयात्रा तक रेलवे हर जरूरत का हिस्सा रहा है। यही वजह है कि भारतीय रेलवे केवल परिवहन तंत्र नहीं, बल्कि देश की धड़कन बन चुका है।
India का सबसे गहरा रेलवे स्टेशन
रेल यात्रा की खास बात यह है कि यहां दूरी का मतलब केवल किलोमीटर नहीं होता। कई ट्रेनें दो से तीन दिन में अपना सफर पूरा करती हैं और रास्ते में दर्जनों स्टेशनों पर रुकती हैं। यात्री अपनी सुविधा के अनुसार चढ़ते-उतरते हैं और इस दौरान देश की विविधता को करीब से देखते हैं। खेत, नदियां, पहाड़ और शहर सब कुछ खिड़की से गुजरता है। यही अनुभव रेलवे को खास बनाता है, जहां अमीर-गरीब, छात्र-मजदूर, सभी एक ही डिब्बे में सफर करते हैं।
स्टेशन बनते हैं पहचान
भारत में रेलवे स्टेशनों को लेकर हमेशा से दिलचस्प बातें रही हैं। कहीं सबसे बड़ा स्टेशन चर्चा में रहा, तो कहीं सबसे छोटा या सबसे साफ स्टेशन सुर्खियों में आया। ये तथ्य केवल जानकारी नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं और सामान्य ज्ञान का अहम हिस्सा भी बनते हैं। अब इसी कड़ी में एक नया नाम जुड़ने जा रहा है। देश का सबसे गहरा रेलवे स्टेशन, जो तकनीक और इंजीनियरिंग का नया अध्याय लिखेगा।
कौन-सा स्टेशन?
मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में बन रहा यह स्टेशन देश का सबसे गहरा रेलवे स्टेशन माना जा रहा है। यह जमीन से करीब 100 फीट नीचे स्थित होगा। खास बात यह है कि यह मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का हिस्सा है और इसी कॉरिडोर का एकमात्र अंडरग्राउंड स्टेशन होगा। करीब 32 मीटर की गहराई पर बन रहा यह स्टेशन शहर की भीड़भाड़ के नीचे एक अलग दुनिया रचने की तैयारी में है।
माननीय रेल मंत्री श्री @AshwiniVaishnaw जी ने आज मुंबई के बीकेसी (बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स) में बनने वाले बुलेट ट्रेन स्टेशन का निरीक्षण किया।#BulletTrain pic.twitter.com/QXHg4ktxVU
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) May 3, 2025
जानें कितनी है गहराई?
इतनी गहराई पर स्टेशन बनाना आसान काम नहीं है। बताया जा रहा है कि यहां प्लेटफार्म, कॉनकोर्स और सर्विस फ्लोर कुल तीन मंजिलें होंगी। छह प्लेटफार्म बनाए जाएंगे, जिनकी लंबाई लगभग 415 मीटर होगी। कहा जाता है कि इतनी गहराई में दस मंजिला इमारत आसानी से समा सकती है। निर्माण कार्य की तस्वीरें और वीडियो सामने आ चुके हैं, जो इस प्रोजेक्ट की विशालता को दिखाते हैं। मुंबई से अहमदाबाद तक का सफर अभी करीब आठ घंटे का है, लेकिन बुलेट ट्रेन इसे महज तीन घंटे में पूरा करेगी। प्रस्तावित अधिकतम गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है। यह न सिर्फ समय बचाएगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी। बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स का यह स्टेशन इस तेज रफ्तार बदलाव का अहम पड़ाव होगा।
कब खुलेगा स्टेशन?
हालांकि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन स्टेशन के पूरी तरह तैयार होने की कोई आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है। इतना तय है कि बनकर तैयार होने के बाद यह स्टेशन देश के सबसे अनोखे रेलवे स्थलों में गिना जाएगा। जब भी यह आम लोगों के लिए खुलेगा, तब रेलवे के इतिहास में एक नई गहराई जुड़ चुकी होगी।




