Union Budget 2026 : वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट को लेकर सरकार के गलियारों में तैयारियां तेज हो चुकी हैं। फाइलें सज रही हैं, मंत्रालयों से सुझाव आ चुके हैं और अब निगाहें टिकी हैं उस तारीख पर, जब देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला बजट संसद में रखा जाएगा। इसी बीच बजट पेश होने की तारीख को लेकर आम लोगों से लेकर विशेषज्ञों तक के बीच चर्चा तेज हो गई है। बीते करीब एक दशक से देश में केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया जा रहा है।
साल 2017 में इस परंपरा की शुरुआत हुई थी, ताकि नई वित्तीय नीतियां 1 अप्रैल से बिना किसी देरी के लागू हो सकें। इससे पहले बजट फरवरी के आखिरी दिन आता था। लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है, क्योंकि 1 फरवरी 2026 को रविवार पड़ रहा है।
Union Budget 2026 को लेकर सस्पेंस
बता दें कि यही रविवार की तारीख लोगों के मन में असमंजस पैदा कर रही है। सवाल उठ रहा है कि क्या संसद की कार्यवाही छुट्टी के दिन होगी या फिर बजट को अगले कार्यदिवस यानी 2 फरवरी, सोमवार तक टाल दिया जाएगा। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक इस मुद्दे पर चर्चाएं जारी हैं। संसदीय परंपराओं पर नजर डालें तो यह जरूरी नहीं कि बजट सिर्फ कार्यदिवस पर ही पेश हो। पहले भी खास मौकों पर संसद की बैठकें रविवार को हो चुकी हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी साफ किया है कि बजट की तारीख पर अंतिम फैसला संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति उचित समय पर करेगी।
वीकेंड बजट का पुराना रिकॉर्ड
इतिहास गवाह है कि संसद जरूरत पड़ने पर वीकेंड में भी बैठ चुकी है। कोविड-19 महामारी के दौरान 2020 में और इससे पहले 2012 में संसद की बैठक रविवार को आयोजित की गई थी। ऐसे में अगर 1 फरवरी को बजट पेश होता है, तो यह कोई असाधारण बात नहीं होगी। बजट का वीकेंड पर पेश होना भी नया नहीं है। मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2025 का बजट शनिवार को पेश कर चुकी हैं। उनसे पहले अरुण जेटली ने भी 2015 और 2016 में शनिवार को बजट रखा था। ऐसे में रविवार को बजट आना संसदीय इतिहास की निरंतरता ही मानी जाएगी।
सीतारमण के नाम नया कीर्तिमान
अगर 2026-27 का बजट भी निर्मला सीतारमण ही पेश करती हैं, तो यह उनका लगातार नौवां बजट होगा। इसके साथ ही वह देश की पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी, जिन्होंने इतनी लंबी श्रृंखला में बजट पेश किए हों। इससे वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के और करीब पहुंच जाएंगी। उम्मीद है कि जल्द ही बजट की तारीख को लेकर अंतिम मुहर जल्द लगेगी। चाहे बजट रविवार को आए या सोमवार को, देश को उम्मीद है कि यह बजट विकास, रोजगार और आर्थिक स्थिरता के लिए नई दिशा तय करेगा।
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