Monthly Durga Ashtami:- हिंदू धर्म में मासिक दुर्गा अष्टमी का बहुत ही खास महत्व होता है। साल की अंतिम मासिक दुर्गा अष्टमी जल्द ही मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में मासिक दुर्गा अष्टमी पर व्रत रखा जाता है। बड़ी ही श्रद्धा और भाव के साथ मां दुर्गा की पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन पूजा अर्चना करने वाले को मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है और उनके लिए यह बेहद शुभ माना जाता है।
यह साल की आखिरी मासिक दुर्गा अष्टमी है। इसलिए इसका महत्व और भी ज्यादा होता है। इस दिन मां दुर्गा की कृपा पाने का एक ऐसा मौका होता है। जब आप व्रत पूजा पाठ करते हैं तो यह आपके लिए बहुत ही शुभ होता है। आइए जानते हैं कि साल की अंतिम मासिक दुर्गा अष्टमी कब मनाई जाएगी और उसकी पूजा की विधि क्या है।
मासिक दुर्गा अष्टमी की तिथि और शुभ मुहूर्त
साल की आखिरी मासिक दुर्गा अष्टमी 28 दिसंबर को मनाई जाएगी। पंचांग के मुताबिक पौष महीने की शुक्ल अष्टमी की तिथि 27 दिसंबर को इसका मुहूर्त 1 बजकर 9 मिनट पर शुरू होगा। वही 28 दिसंबर को 11:59 पर समाप्त होगा। इसीलिए साल की अंतिम मासिक दुर्गा अष्टमी 28 दिसंबर को मनाई जाएगी। साल की अंतिम मासिक दुर्गा अष्टमी होगी।
मासिक दुर्गा अष्टमी की पूजा कैसे करें?
मासिक दुर्गा अष्टमी की पूजा करना बेहद आसान होता है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा के लिए सुबह-सुबह उठकर स्नान करके लाल कलर के कपड़े पहन ले। इसके बाद आपके हाथ में जल लेना है और व्रत का संकल्प ले लेना है। व्रत का संकल्प लेने के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा को लाल कपड़ा बेचकर उसे पर स्थापित करें और मां को गंगाजल से स्नान कर लाल चुनरी, सिंदूर, अक्षत, लाल फूल और श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित कर दे।
इसके बाद घी का दीपक जलाएं और दुर्गा चालीसा का पाठ करें और मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके बाद अंत में मां दुर्गा को फल मिठाई और हलवा पुरी का भोग लगा दे। इस प्रकार मां दुर्गा की विधि विधान से पूजा कर सकते हैं और अंत में मां दुर्गा के पैर पढ़ कर उनसे घर परिवार की सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
क्यों है यह दुर्गा अष्टमी बेहद खास
साल की यह अंतिम दुर्गा अष्टमी है इसीलिए यह बेहद महत्वपूर्ण और खास होने वाली है। यह मां दुर्गा से बीते साल में हुई सभी भूलो के लिए माफी मांगने का समय है। अगर आप इस दिन कन्या भोजन करते हैं और मां दुर्गा का आशीर्वाद लेते हैं तो यह आपके लिए बहुत ही शुभ होगा और मां दुर्गा की कृपा पर बनी रहेगी।
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