Youth Congress : दिल्ली के प्रतिष्ठित कार्यक्रम स्थल भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन का मामला अब अदालत की चौखट तक पहुंच गया है। पुलिस ने इंडियन यूथ कांग्रेस के चार नेताओं को गिरफ्तार कर शनिवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
गिरफ्तार किए गए नेताओं की पहचान कृष्ण हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिंह यादव के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये सभी समिट के दौरान हुए प्रदर्शन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन्हें हिरासत में लिया और आगे की जांच शुरू की।
Youth Congress के 4 नेता गिरफ्तार
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी को अनुचित बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल विपक्षी दल के कार्यकर्ता हैं और उन्होंने भारत मंडपम के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। बचाव पक्ष का दावा है कि न तो किसी व्यक्ति को चोट पहुंची और न ही सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान हुआ। ऐसे में पुलिस रिमांड की मांग को उन्होंने गैर-जरूरी बताया।
जमानत की दलील
बचाव पक्ष ने यह भी तर्क रखा कि आरोपित धाराओं में अधिकतम सजा सात वर्ष से कम है, इसलिए पुलिस हिरासत की आवश्यकता नहीं बनती। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जाए या जमानत पर रिहा किया जाए। वकील ने गिरफ्तारी को राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बताया और कहा कि यह लोकतांत्रिक विरोध की भावना को दबाने का प्रयास है।
जांच का दायरा
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि प्रदर्शन के कारण सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई और कार्यक्रम की शांति भंग हुई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपियों से पूछताछ जरूरी है। इसी आधार पर रिमांड की मांग की गई है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें। अब सबकी निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं। यह मामला केवल कानूनी बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक विमर्श का भी हिस्सा बन चुका है। आने वाले दिनों में अदालत का रुख तय करेगा कि आरोपियों को राहत मिलती है या जांच की दिशा और सख्त होती है।
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