Women Reservation : महिला आरक्षण को लेकर सरकार अब तेजी से आगे बढ़ती नजर आ रही है। पहले जहां इसे 2034 के बाद लागू करने की बात कही जा रही थी, अब कोशिश है कि इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से ही लागू कर दिया जाए। इसके लिए केंद्र सरकार Nari Shakti Vandan Adhiniyam में संशोधन की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा बजट सत्र में ही इस दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है। सरकार इस प्रस्ताव को लागू करने से पहले राजनीतिक सहमति बनाना चाहती है।
इसी कड़ी में Amit Shah और Kiren Rijiju ने विपक्षी दलों से बातचीत शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि Mallikarjun Kharge को भी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पत्र भेजा गया है। विपक्ष की ओर से सर्वदलीय बैठक की मांग भी उठ रही है ताकि इस अहम फैसले पर व्यापक सहमति बन सके।
Women Reservation
अगर यह संशोधन बिल पास हो जाता है, तो लोकसभा की कुल सीटों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौजूदा 543 सीटों की संख्या बढ़ाकर करीब 814 तक की जा सकती है। इसमें लगभग 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह बदलाव 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करके किया जा सकता है, जिससे संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी एक झटके में काफी बढ़ जाएगी। सभी राज्यों में एक जैसा फॉर्मूला लागू नहीं होगा।
जिन छोटे राज्यों में एक या दो ही सीटें हैं, वहां सीटों की संख्या नहीं बढ़ाई जाएगी। ऐसे राज्यों में बारी-बारी से चुनावों में सीटों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाएगा। इस मॉडल को संतुलन बनाए रखने के लिए तैयार किया जा रहा है ताकि छोटे राज्यों का प्रतिनिधित्व प्रभावित न हो।
विपक्ष का समर्थन
महिला आरक्षण को लेकर विपक्षी दलों का रुख Broadly सकारात्मक दिख रहा है। Rahul Gandhi पहले ही 2029 से इसे लागू करने की मांग कर चुके हैं। वहीं तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दल भी इस पहल के समर्थन में नजर आ रहे हैं। समाजवादी पार्टी, राजद और द्रमुक जैसे दल आरक्षण के भीतर OBC, SC-ST वर्ग के लिए अलग कोटा तय करने की मांग उठा सकते हैं। अगर सरकार इस बार संशोधन बिल पास कराने में सफल हो जाती है, तो 2029 का लोकसभा चुनाव भारतीय राजनीति के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है।
इससे संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर कितनी जल्दी सहमति बनती है।
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