जानिए क्या है,एक अनजान कंपनी की भारत में 37 लाख 50 हजार करोड़ के ‘निवेश’ की पेशकश.?

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‘प्यारे और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी आपसे एक विनम्र अपील है और वो यह कि हम भारत में 37 लाख 50 हज़ार करोड़ का निवेश करना चाहते हैं’ यह किसी हॉलीवुड फिल्म का डायलॉग नहीं बल्कि 24 मई को अंग्रेजी अख़बार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपा अजीबोगरीब विज्ञापन है। दरअसल यह विज्ञापन लैंडोमस ग्रुप नाम की कंपनी द्वारा दिया गया है विज्ञापन के अनुसार लैंडोमस ग्रुप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संवाद स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। विज्ञापन अपने आप में विचित्र है और कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है क्योंकि विज्ञापन द्वारा लैंडोमस ग्रुप भारत में 500 बिलियन अमरीकी डालर के निवेश की बात कर रहा है जो कि काफी भारी रकम है। सूत्रों की माने तो एक उचित चैनल का उपयोग करने के बजाय विज्ञापन के माध्यम से पीएम मोदी से संवाद करना लैंडोमस ग्रुप की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है।

विज्ञापन कॉपी में लैंडोमस ग्रुप ने दावा किया कि भारत को महामारी मुक्त बनाने के लिए उसके पास ठोस योजना है। विज्ञापन के अनुसार ” लैंडोमस रियल्टी वेंचर्स इंक, यूएसए,भारत सरकार द्वारा सूचीबद्ध नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआईपी) और गैर-एनआईपी परियोजनाओं में निवेश के पहले चरण के रूप में 500 बिलियन अमरीकी डालर का निवेश करना चाहता है। लैंडोमस रियल्टी वेंचर्स का उद्देश्य ऊर्जा, सामाजिक अवसंरचना, विनिर्माण, परिवहन, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि, जल जैसे क्षेत्रों में भारत निवेश ग्रिड के तहत निवेशकों और डेवलपर्स के साथ एनआईपी और गैर-एनआईपी परियोजनाओं को पूरा करने में सहायता करके भारत को वैश्विक गंतव्य बनाना है” “लैंडोमस ग्रुप का लक्ष्य भारत के पुनर्निर्माण और 5 ट्रिलियन अमरीकी डालर के सकल घरेलू उत्पाद लक्ष्य को प्राप्त करने के अपने प्रयास में सरकार की सहायता करना है। लैंडोमस ग्रुप आपसे अनुरोध करता है कि हमें एक नए भारत के निर्माण में योगदान करने का अवसर प्रदान करें।”

प्रदीप कुमार एस द्वारा हस्ताक्षरित, इस “खुले पत्र” प्रकार के विज्ञापन पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोई कंपनी निवेश के बारे में बात करने के लिए पीएम मोदी से संपर्क करना चाहती है, तो इसका सही तरीका प्रधानमंत्री कार्यालय होगा न कि अखबार का दफ़्तर। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सब पहली नजर में केजरीवाल की तर्ज पर पीआर स्टंट लगता है, जो इस तरह के विज्ञापन समय-समय पर प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में चलाते हैं।

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