जहां मुखिया और उपमुखिया नहीं होंगे, वहां चुनाव से तय होंगे परामर्शी समिति के अध्यक्ष

इस वक्त राजनीतिक गलियारे से बड़ी खबर सामने आ रही है। कोरोना महामारी को लेकर बिहार में होनेवाले पंचायत चुनाव फिलहाल कुछ महीनों के लिए टाल दिया गया है। अब बिहार की पंचायतों में परामर्शी समितियों में अध्यक्षों के रिक्त पदों को लेकर सरकार ने नए सिरे से आदेश जारी कर सबकुछ क्लियर कर दिया है। ऐसी ग्राम पंचायत, जहां किसी कारणवश मुखिया और उप मुखिया दोनों नहीं हैं, वहां परामर्शी समिति के अध्यक्ष के लिए वार्ड सदस्यों के बीच चुनाव होगा। सर्वाधिक मत हासिल करने वाले वार्ड सदस्य को अध्यक्ष बनाया जाएगा। चुनाव की जिम्मेदारी प्रखंड कार्यपालक पदाधिकारियों (बीडीओ) को दी गई है। इस संबंध में पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने स्पष्ट आदेश जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि वे वार्ड सदस्यों के बीच चुनाव में मतदान नहीं करेंगे। सरपंच और उप सरपंच के पद रिक्त रहने की स्थिति में वार्ड पंचों के बीच चुनाव कराएगा जाएगा।

वहीं पंचायत समिति में प्रमुख और उप प्रमुख दोनों पद रिक्त रहने की स्थिति में उम्र में सबसे वरिष्ठ सदस्य को परामर्शी समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। किसी कारणवश अगर उम्र में सबसे वरिष्ठ सदस्य अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी लेने से इन्कार करता है तो दूसरे वरिष्ठ सदस्य को यह जिम्मेदारी मिलेगी। इसमें दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि दो वरिष्ठ सदस्यों की उम्र समान होने की स्थिति में लाटरी के माध्यम से अध्यक्ष पद के लिए चयन किया जाएगा। इसी तरह की व्यवस्था जिला परिषद में परामर्शी समिति अध्यक्ष पद के लिए लागू होगी। इस संबंध में पंचायती राज विभाग ने सभी जिलाधिकारियों, उप विकास आयुक्तों, कार्यपालक पदाधिकारियों और जिला पंचायती राज पदाधिकारियों को पत्र लिखा है। विभाग ने पत्र में तमाम बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी है।

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