Kharmas 2026:- हिंदू धर्म में खरमास का बहुत ही खास महत्व होता है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित होता है। हर साल दो खरमास साल भर में आते हैं इस दौरान किसी भी शुभ कार्य को नहीं करना चाहिए। हालांकि पहले खरमास समाप्त हो चुका है और अब दूसरा खरमास लगने वाला है। खरमास कब लगता है जब सूर्य देव धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं इस अवधि को खरमास के रूप में जाना जाता है।
पहला खरमास 16 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक लगा था अब दूसरा खरमास 14 मार्च से 13 अप्रैल तक लगने जा रहा है। इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए। इस दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए इसके बारे में जानते हैं।
खरमास के दौरान यह कार्य है वर्जित
खरमास लगने के बाद गलती से भी इस दौरान मांगलिक कार्य जैसे विवाह नहीं करना चाहिए ऐसा करने से कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है और दांपत्य जीवन में कई प्रकार की दिक्कतें आती है। इसके अलावा गृह प्रवेश घर बनाने जैसे शुभ कार्य नहीं करने चाहिए। इस घर में शांति नहीं रहती अब सदस्यों के मन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। खरमास के दौरान कोई भी नए काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए इससे आर्थिक हानि होती है खरमास के दौरान मुंडन संस्कार करना वर्जित माना जाता है। इस दौरान बिल्कुल भी कोई शुभ काम नहीं करना चाहिए।
खरमास के दौरान क्या करें?
खरमास के दौरान कई दान पुण्य के कार्य किए जा सकते हैं, जैसे गरीबों जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को अन्न और धन का दान करें। रोजाना सूर्य देव को जल चढ़ाएं सुबह उठकर विष्णु भगवान की पूजा करें और भोग में तुलसी के पत्ते जरुर चढ़ाएं। अगर आप यह सब कार्य करते हैं तो इसे शुभ फलों की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख शांति बनी रहती है।
पवित्र नदियों में स्नान करें
खरमास के दौरान पवित्र नदियों में स्नान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दौरान अगर आप पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और सूर्य देव को जल अर्पित करते हैं नदी में दीपदान करते हैं तो ऐसा करने से आपको कई शुभ फल मिलते हैं। इससे आपके पापों का नाश होता है।
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