Home » धर्म » आखिर क्या है वसंत पंचमी का महत्त्व? जाने कैसे खुलेंगे इस पंचमी सफलता के मार्ग

आखिर क्या है वसंत पंचमी का महत्त्व? जाने कैसे खुलेंगे इस पंचमी सफलता के मार्ग

Vasant Panchami 2026:- वसंत पंचमी का त्यौहार हिंदू धर्म में बहुत ही खास और पौराणिक माना जाता है। वसंत पंचमी के इस पर्व को बहुत ही उत्साह और खुशी के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती प्रकट हुई थी इसलिए इस पर्व को बड़ी ही श्रद्धा और धूमधाम के साथ हर साल मनाया जाता है। वसंत पंचमी का दिन वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन साधक ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा आराधना बहुत ही विधि विधान के साथ की जाती है।

वसंत पंचमी का महत्व

वसंत पंचमी का हिंदू धर्म में बहुत ही खास महत्व है। वसंत पंचमी की पूजा विधि विधान से अगर आप करते हैं तो जीवन में सुख शांति और विद्या प्राप्त होती है। बसंत पंचमी पर पीले फूल और लड्डू के साथ कई चीजे अर्पित की जाती है अगर आप करियर में सफलता पाना चाहते हैं इसके लिए आपको वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती के 108 नाम का जाप करना होगा। अगर आप ऐसा करते हैं तो इससे आपका मन शांत होगा और करियर में सफलता के रास्ते अपने आप खुलते जाएंगे।

देवी सरस्वती के 108 नाम व मंत्र

1- सरस्वती ॐ सरस्वत्यै नमः।

2- महाभद्रा ॐ महाभद्रायै नमः।

3- महामाया ॐ महमायायै नमः।

4- वरप्रदा ॐ वरप्रदायै नमः।

5- श्रीप्रदा ॐ श्रीप्रदायै नमः।

6- पद्मनिलया ॐ पद्मनिलयायै नमः।

7- पद्माक्षी ॐ पद्मा क्ष्रैय नमः।

8- पद्मवक्त्रगा ॐ पद्मवक्त्रायै नमः।

9- शिवानुजा ॐ शिवानुजायै नमः।

10- पुस्तकधृत ॐ पुस्त कध्रते नमः।

11- ज्ञानमुद्रा ॐ ज्ञानमुद्रायै नमः।

12- रमा ॐ रमायै नमः।

13- परा ॐ परायै नमः।

14- कामरूपा ॐ कामरूपायै नमः।

15- महाविद्या ॐ महाविद्यायै नमः।

16- महापातक नाशिनी ॐ महापातक नाशिन्यै नमः।

17- महाश्रया ॐ महाश्रयायै नमः।

18- मालिनी ॐ मालिन्यै नमः।

19- महाभोगा ॐ महाभोगायै नमः।

20- महाभुजा ॐ महाभुजायै नमः।

21- महाभागा ॐ महाभागायै नमः।

22- महोत्साहा ॐ महोत्साहायै नमः।

23- दिव्याङ्गा ॐ दिव्याङ्गायै नमः।

24- सुरवन्दिता ॐ सुरवन्दितायै नमः।

25- महाकाली ॐ महाकाल्यै नमः।

26- महापाशा ॐ महापाशायै नमः।

27- महाकारा ॐ महाकारायै नमः।

28- महाङ्कुशा ॐ महाङ्कुशायै नमः।

29- सीता ॐ सीतायै नमः।

30- विमला ॐ विमलायै नमः।

31- विश्वा ॐ विश्वायै नमः।

32- विद्युन्माला ॐ विद्युन्मालायै नमः।

33- वैष्णवी ॐ वैष्णव्यै नमः।

34- चन्द्रिका ॐ चन्द्रिकायै नमः।

35- चन्द्रवदना ॐ चन्द्रवदनायै नमः।

36- चन्द्रलेखाविभूषिता ॐ चन्द्रलेखाविभूषितायै नमः।

37 सावित्री ॐ सावित्र्यै नमः।

38- सुरसा ॐ सुरसायै नमः।

39- देवी ॐ देव्यै नमः।

40- दिव्यालङ्कारभूषिता ॐ दिव्यालङ्कारभूषितायै नमः।

41- वाग्देवी ॐ वाग्देव्यै नमः।

42- वसुधा ॐ वसुधायै नमः।

43- तीव्रा ॐ तीव्रायै नमः।

44- महाभद्रा ॐ महाभद्रायै नमः।

45- महाबला ॐ महाबलायै नमः।

46- भोगदा ॐ भोगदायै नमः।

47- भारती ॐ भारत्यै नमः।

48- भामा ॐ भामायै नमः।

49- गोविन्दा ॐ गोविन्दायै नमः।

50- गोमती ॐ गोमत्यै नमः।

51- शिवा ॐ शिवायै नमः।

52- जटिला ॐ जटिलायै नमः।

53- विन्ध्यवासा ॐ विन्ध्यावासायै नमः।

54- विन्ध्याचलविराजिता ॐ विन्ध्याचलविराजितायै नमः।

55- चण्डिका ॐ चण्डिकायै नमः।

56- वैष्णवी ॐ वैष्णव्यै नमः।

57- ब्राह्मी ॐ ब्राह्मयै नमः।

58- ब्रह्मज्ञानैकसाधना ॐ ब्रह्मज्ञानैकसाधनायै नमः।

59- सौदामिनी ॐ सौदामिन्यै नमः।

60- सुधामूर्ति ॐ सुधामूर्त्यै नमः।

61- सुभद्रा ॐ सुभद्रायै नमः।

62- सुरपूजिता ॐ सुरपूजितायै नमः।

63- सुवासिनी ॐ सुवासिन्यै नमः।

64- सुनासा ॐ सुनासायै नमः।

65- विनिद्रा ॐ विनिद्रायै नमः।

66- पद्मलोचना ॐ पद्मलोचनायै नमः।

67- विद्यारूपा ॐ विद्यारूपायै नमः।

68- विशालाक्षी ॐ विशालाक्ष्यै नमः।

69- ब्रह्मजाया ॐ ब्रह्मजायायै नमः।

70- महाफला ॐ महाफलायै नमः।

71- त्रयीमूर्ती ॐ त्रयीमूर्त्यै नमः।

72- त्रिकालज्ञा ॐ त्रिकालज्ञायै नमः।

73- त्रिगुणा ॐ त्रिगुणायै नमः।

74- शास्त्ररूपिणी ॐ शास्त्ररूपिण्यै नमः।

75- शुम्भासुरप्रमथिनी ॐ शुम्भासुरप्रमथिन्यै नमः।

76- शुभदा ॐ शुभदायै नमः।

77- सर्वात्मिका ॐ स्वरात्मिकायै नमः।

78- रक्तबीजनिहन्त्री ॐ रक्तबीजनिहन्त्र्यै नमः।

79- चामुण्डा ॐ चामुण्डायै नमः।

80- अम्बिका ॐ अम्बिकायै नमः।

81- मुण्डकायप्रहरणा ॐ मुण्डकायप्रहरणायै नमः।

82- धूम्रलोचनमर्दना ॐ धूम्रलोचनमर्दनायै नमः।

83- सर्वदेवस्तुता ॐ सर्वदेवस्तुतायै नमः।

84- सौम्या ॐ सौम्यायै नमः।

85- सुरासुर नमस्कृता ॐ सुरासुर नमस्कृतायै नमः।

86- कालरात्री ॐ कालरात्र्यै नमः।

87- कलाधारा ॐ कलाधारायै नमः।

88- रूपसौभाग्यदायिनी ॐ रूपसौभाग्यदायिन्यै नमः।

89- वाग्देवी ॐ वाग्देव्यै नमः।

90- वरारोहा ॐ वरारोहायै नमः।

91- वाराही ॐ वाराह्यै नमः।

92- वारिजासना ॐ वारिजासनायै नमः।

93- चित्राम्बरा ॐ चित्राम्बरायै नमः।

94- चित्रगन्धा ॐ चित्रगन्धायै नमः।

95- चित्रमाल्यविभूषिता ॐ चित्रमाल्यविभूषितायै नमः।

96- कान्ता ॐ कान्तायै नमः।

97- कामप्रदा ॐ कामप्रदायै नमः।

98- वन्द्या ॐ वन्द्यायै नमः।

99- विद्याधरसुपूजिता ॐ विद्याधरसुपूजितायै नमः।

100- श्वेतासना ॐ श्वेतासनायै नमः।

101- नीलभुजा ॐ नीलभुजायै नमः।

102- चतुर्वर्गफलप्रदा ॐ चतुर्वर्गफलप्रदायै नमः।

103- चतुरानन साम्राज्या ॐ चतुरानन साम्राज्यायै नमः।

104- रक्तमध्या ॐ रक्तमध्यायै नमः।

105- निरञ्जना ॐ निरञ्जनायै नमः।

106- हंसासना ॐ हंसासनायै नमः।

107- नीलजङ्घा ॐ नीलजङ्घायै नमः।

108- ब्रह्मविष्णुशिवात्मिका ॐ ब्रह्मविष्णुशिवान्मिकायै नमः।

Read More:- वास्तु के अनुसार घर में यह पौधे लाएंगे गुडलक, नकारात्मक ऊर्जा को करेंगे खत्म

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Will the middle class get relief from the first general budget of Modi 3.0?