अवैध मदरसा संचालक की गुंडागर्दी देखिए : सरकारी जमीन कब्‍जाई, सवाल पूछा, तो रिपोर्टर को एक घंटे तक बंधक बनाकर की मारपीट, कैमरामैन का गला दबाया

Generic placeholder image
  लेखक: कुलदीप सिंह

दिल्‍ली। यूपी की योगी सरकार ने मदरसों के सर्वे कराने का आदेश दिया। इसके उलट दिल्‍ली में कई मदरसे सरकारी जमीन पर कब्‍जा करके चल रहे हैं। सरकारी विभागों के अधिकारियों की मिलीभगत से दिल्ली के हजरत निजामुददीन के सामने और डीपीएस के बगल में एक अवैध मदरसा संचालित हो रहा है। 

मीडियाकर्मियों के कैमरे तोड़े
ऐसे में मीडियाकर्मी जब उस मदरसे की हकीकत को टटोलने गए तो मदरसा संचालक ने सिर्फ बदतमीजी की, बल्कि मीडियाकर्मियों को बंधक बनाकर मारपीट की। साथ ही उन्‍होंने मीडियाकर्मियों को जान से मारने की धमकी दी। इससे उन्‍हे चोटे आईं हैं। यही नहीं मदरसा संचालक ने मीडियाकर्मियों के कैमरे भी तोड़ दिए। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को रफा-दफा करा दिया है। 

सरकारी जमीन पर चल रहा अवैध मदरसा 
मामला दिल्‍ली के हजरत निमाजुददीन के सामने और दिल्‍ली पब्लिक स्‍कूल के पास का है। यहां पर अवैध रूप से मदरसा जामिया अरबिया को तौफील संचालित करता है। स्‍थानीय लोगों का कहना है कि जिस जमीन पर अवैध मदरसा संचालित हो रहा है। वह जमीन दिल्‍ली सरकार के लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस की है। बावजूद इसके, अधिकारियों की मिलीभगत से तौफील यहां पर मदरसे के नाम पर दो हजार गज से ज्‍यादा की जमीन पर कब्‍जा जमाए हैं। इस अवैध रूप से बने मदरसे में दीनी तालीम देने के नाम पर तौफील ने जमीन को अपने कब्‍जे में कर लिया है। जहां पर अपने परिवार समेत रहता है। सिविल कोर्ट में इसका मुकदमा भी चल रहा है।
 
सवाल पूछने पर भड़का अवैध मदरसा संचालक 
इसी मदरसे की हकीकत को टटोलने जब हेडलाइंस इंडिया की टीम पहुंची थी। सबसे पहले कथित रूप से मदरसा संचालक तौफील से मुलाकात की। पहले तो वह रिपोर्टर की बातों का जवाब देता रहा। जब रिपोर्टर ने अवैध रूप से बने मदरसे की जमीन से जुडे सवाल उठाए, तो वह भड़क गया। साथ ही मारपीट पर आमादा हो गया। 

हेडलाइंस इंडिया के रिपोर्टर के सवाल और अवैध मदरसा संचालक की दबंगई देखिए 
रिपोर्टर – तौफील जी आप पर आरोप है कि आपने मदरसे के नाम पर एलएंडडीओ की जमीन पर कब्‍जा कर लिया है। इसमें कितनी सच्‍चाई है। 
तौफील (अवैध मदरसा संचालक) – आपको जिसने भेजा है मुझे पता है। आप बेवजह की बातें न करें 
रिपोर्टर- मुझे किसी ने नहीं भेजा है, आप पर जो आरोप हैं उसका पक्ष लेने आया हूं। मेरे पास आपकी इस जमीन के कागजात हैं। 
 तौफील (अवैध मदरसा संचालक) – आपको यहां किसने भेजा है। 
रिपोर्टर- मुझे यहां किसी ने नहीं भेजा है, आप यह बताइए कि यह जमीन एलएंडडीओ की है या नहीं। 
तौफील (अवैध मदरसा संचालक)- हां यह एलएंडडीओ की जमीन है। जो करना है कर लो। 
रिपोर्टर- तो आपने एलएंडडीओ की जमीन घेरकर अवैध मदरसा बना लिया है। 
तौफील (अवैध मदरसा संचालक)- जमीन घेरकर नहीं जनाब, कोर्ट में केस चल रहा है। हमने केस फाइल किया हुआ है। आइए आपको वो कॉपी दिखाता हूं। 
(इस बहाने तौफील रिपोर्टर और कैमरापर्सन को अपने ऑफिसनुमा घर में ले जाता है।)
ऑफिस में पहुंचकर रिपोर्टर फिर तौफील से कहता है कि आप पर तीन एफआईआर दर्ज हैं। इस पर तौफील भडक गया। कहा कि यह एलएंडडीओ की जमीन है, यहां पर केस चल रहा है। बस इसके बाद तौफील ने अपने साथियों को फोन करके बुलाने लगा। उसने कहा कि अभी तुम लोगों को मजा चखाता हूं। 

एक घंटे तक रिपोर्टर और कैमरामैन को बंधक बनाया 
इसके बाद उसके एक साथी ने गाली-गलौज करके ऑफिस का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। पहले तो कैमरापर्सन को वीडियो बनाने से रोका, इसके बाद रिपोर्टर और कैमरामैन से हाथापाई की। तकरीबन एक घंटे तक अवैध मदरसा संचालक तौफील और उसके साथियों ने रिपोर्टर और कैमरामैन के साथ गाली-गलौज की। 



हिंदू होने पर गाली-गलौज की 
कैमरे को बंद करके रिपोर्टर के हिंदू होने पर भी अभद्रता की। देवी देवताओं को अपशब्‍द कहे। तौफील ने कहा कि तुम्‍हारी सब हेकडी निकाल दूंगा, मुझे जानते नहीं हो। तौफील और उसके साथियों ने रिपोर्टर और कैमरापर्सन को मारा पीटा। दोनों ही घायल हो गए। तौफील ने कहा कि अगर तुम लोगों ने यह वीडियो डिलीट नहीं किया तो यहीं जान से मार देंगे। 

दिल्‍ली सरकार का फेल्‍योर 
अब सवाल यह है कि दिल्‍ली सरकार की नाक नीचे अवैध तरीके से इस तरह के मदरसे संचालित हो रही है। बावजूद इसके, न तो एलएंडडीओ विभाग और सरकार इस मामले में कार्रवाई कर रही है। 

कोर्ट का आदेश, फिर भी सर्वे नहीं 
इस मामले में साल 2019 में कोर्ट ने आदेश दिया था कि एलएंडडीओ विभाग अपनी जमीन का सर्वेक्षण करके पूरी डिटेल कोर्ट में पेश करे। आखिर उस जमीन की क्‍या स्थिति है। बावजूद इसके, तीन बीतने के बाद भी विभाग ने अभी तक सर्वे रिपोर्ट प्रस्‍तुत नहीं की है। यह सीधे तौर पर कोर्ट की अवमानना है। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के कारण दिल्‍ली के कई इलाकों में अवैध रूप से मदरसे संचालित हो रहे हैं। 

अवैध मदरसे में बच्‍चों का उत्‍पीड़न 
मदरसे में पढने वाले बच्‍चे के एक पेरेटस ने बीते दिनों पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई थी, लेकिन इस अवैध रूप से चल रहे मदरसे में बच्‍चों के साथ मारपीट होती है। दीनी तालीम के नाम पर उनका उत्‍पीडन होता है। इस मामले में भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 

अगर यूपी होता तो क्‍या होता 
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ऐसे मदरसों के खिलाफ अभियान चला रही है। उन्‍होंने आदेश दिया है कि सूबे के सभी मदरसों का सर्वे किया जाए और उनकी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाए। मदरसों के सर्वे को लेकर सभी जिलों के डीएम को आदेश दिया गया है। इसके लिए 5 अक्टूबर, 2022 तक की समयसीमा भी तय की गई है। ऐसे में डीएम को गैर मान्‍यता प्राप्‍त मदरसों की लिस्‍ट सौंपनी होगी। सर्वे में एसडीएम और बीएसए मौजूद रहेंगे। वहीं, असम की सरकार की अवैध रूप से संचालित मदरसों को लेकर गंभीर है। सरकार ने प्रदेश के तीन मदरसों को ध्वस्त कर दिया था। यहां आतंकी एक्टिविटी होती थी। कई मौलवियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गोलपारा में जनता ने ही मदरसों को ध्‍वस्‍त कर दिया। सच यही है कि अगर तौफील जैसे अवैध मदरसा संचालक यूपी में होते तो उसका अवैध मदरसा ध्‍वस्‍त हो गया होता।

Delhi Madrssa illegal Madarsa Ln and D Department Delhi Headlines India Headlines IndiaNews हैड़लाइंस की टीम पर हमला अवैध मदरसा दिल्ली हजरत निजामुदीन

Comment As:

Comment (0)