IGIMS में वार्ड तैयार, छोटा भीम और डोरेमान, कार्टून देखकर बच्चों को मिलेगी कोरोना को मात देने की ताकत

कोरोना की तीसरी लहर को लेकर बच्चों के वार्ड तैयार किए जा रहे हैं। बिहार में पहला वार्ड इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में तैयार किया गया है। बच्चों के वार्ड में छोटा भीम और डोरेमान होंगे जो कोरोना से लड़ाई में ताकत देने का काम करेंगे। वार्ड बच्चों के हिसाब से इसलिए बनाया जा रहा है जिससे बच्चों को अस्पताल की फीलिंग न हो और वह कार्टून देखकर मूड अच्छा कर सकें। IGIMS के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मनीष मंडल का कहना है कि बच्चों को लेकर वार्ड तैयार है जिससे तीसरी लड़ाई आसान हो जाए। कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी में बच्चों को बचाने के लिए इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान ( I.G.I.M.S ) में स्पेशल वार्ड (चाईल्ड फ्रेंडली स्पेस) तैयार किया गया है। तीसरी लहर में बच्चों पर खतरा है और इसे लेकर ही यह तैयारी की जा रही है। जो व्यवस्था बनाई जा रही है उसके हिसाब से हर स्तर की तैयारी की जा रही है। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ मनीष मंडल का कहना है कि कोविड -19 की तीसरी लहर अगर आती है और बच्चे संक्रमित होते हैं तो उनकी विशेष देखभाल के लिए बच्चों के वार्ड की व्यवस्था बनाई जा रही है।

कोरोना में बच्चों के वार्ड को लेकर खास वार्ड तैयार किया जा रहा है। वार्ड को बच्चों के हिसाब से सजाया जा रहा है। मुख्य रूप से दीवारों के रंग और उपर बनाए गए तरह – तरह के कार्टून और खिलौने लगाकर बच्चों के अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। हर कमरे की सज्जा एक प्रासंगिक विषयनुसार की गई है। एक कमरे में छोटा भीम, मिकी माउस, गुफी, डोरेमोन इत्यादि हैं तो दूसरे कमरों में सवारी साधन, रंग तथा अकंमाला देख कर Play School जैसा आभास होता है। किसी कमरे में मिथिला पेंटिंग का प्रयोग करके बच्चों को संस्कृति से रूबरू कराने का प्रयत्न किया गया है तो किसी में जानवरों की मनमोहक रंग बिरंगी कलाकृतियां दर्शित की गई हैं। कोविड -19 की तीसरी लहर को I.G.I.M.S में बच्चों के लिए स्पेशल वार्ड ( चाईल्ड फ्रेंडली स्पेस ) का उद्घाटन भी कर दिया गया है। I.G.I.M.S के निदेशक डॉ़ एन आर विश्वास और एमएस डॉ मनीष मंडल ने किया। एक्शन एड एसोसिएशन के क्षेत्रीय प्रबंधक सौरभ कुमार की उपस्थिति हुए शुभारंभ पर I.G.I.M.S चिकित्सा अधीक्षक डॉ मनीष मंडल ने कहा कि एक्शन एड एसोसिएशन पहले भी संस्थान को 25 ऑक्सीजन कंस्नट्रेटर, ब्लैक फंगस के लिए विडियो लैरिंगो – स्कोप एवं अन्य मेडिकल उपकरण दे चुका है और अब चाइल्ड स्पेस वार्ड का पुनर्निमाण करवा कर सहयोग किया है। एक्शन एड एसोसिएशन की तरफ से पूरी व्यवस्था देखने वाले एकराम का कहना है कि एक ऐसी व्यवस्था तैयार की गई है जो बीमारी की हालात में भी बच्चों को सुकून दे और वे बीमारी से लड़ सकें, न कि खौफ और घबराहट के शिकार हो जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चे इलाज के समय भयभीत रहते हैं। ऐसे में बच्चों का ध्यान आकर्षण में चित्र एवं रंग तोमर तथा खिलौने का प्रयोग करेंगे। संस्थान के निदेशक डॉ एन आर विश्वास ने कहा कि एक्शन एड की यह व्यवस्था काफी सराहनीय है और ये बच्चों को इलाज में काफी लाभकारी होगा।

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