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Virat Ramayan Mandir में स्थापित हुआ दुनिया का सबसे विशाल सहस्र शिवलिंग, पूर्वी चंपारण में रचा गया धार्मिक इतिहास

Virat Ramayan Mandir
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Virat Ramayan Mandir : पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत कैथोलिया स्थित जानकी नगर शनिवार को भक्ति और श्रद्धा के महासंगम का गवाह बना। निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर परिसर में विश्व के सबसे विशाल सहस्र शिवलिंग की स्थापना के साथ ही यह स्थान धार्मिक इतिहास में दर्ज हो गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में शिवभक्तों की भारी भीड़ जुटने लगी थी और हर ओर “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे।

इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं विराट रामायण मंदिर पहुंचे। उन्होंने सहस्र शिवलिंग की स्थापना की पूरी प्रक्रिया को नजदीक से देखा और मंदिर परिसर का भ्रमण किया।

Virat Ramayan Mandir

इसके बाद मुख्यमंत्री मोतिहारी में समृद्धि यात्रा के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। उनकी उपस्थिति से आयोजन की गरिमा और बढ़ गई। मंदिर के चारों ओर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। इस दौरान भक्तिमय माहौल पूरी तरह हावी रहा। श्रद्धालु लगातार शिव मंत्रों का जाप करते नजर आए। वहीं, महिलाओं की टोलियां मंगल गीत गाकर वातावरण को और पावन बना रही थीं। कुछ ही घंटों बाद काशी सहित देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे विद्वान पंडितों द्वारा पीठ पूजा की विधिवत शुरुआत की गई।

यज्ञ में ये बने यजमान

इस महाअनुष्ठान में समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी और उनके पति सायण कुणाल यजमान के रूप में शामिल हुए। सायण कुणाल महावीर मंदिर न्यास, पटना के सचिव भी हैं। दोनों ने वैदिक विधि-विधान के साथ यज्ञ और पीठ पूजा में भाग लिया, जिससे आयोजन को विशेष धार्मिक गरिमा मिली। बता दें कि 20 जून 2023 को विराट रामायण मंदिर निर्माण का शिलापूजन किया गया था। उस समय धार्मिक न्यास परिषद पटना के तत्कालीन अध्यक्ष आचार्य किशोर कुणाल इसके नेतृत्वकर्ता थे। इसके बाद करीब डेढ़ वर्षों तक प्रतिदिन लगभग ढाई सौ मजदूरों ने लगातार काम किया। जमीन के भीतर सौ फीट गहराई तक कुल 3102 स्तंभ खड़े कर मंदिर की मजबूत नींव तैयार की गई।

तमिलनाडु से आया अद्भुत सहस्र शिवलिंग

नींव कार्य पूर्ण होने के बाद मंदिर परिसर में भव्य आधारपीठ का निर्माण किया गया, जिस पर तमिलनाडु के महाबलीपुरम में निर्मित 33 फीट ऊंचा और 33 फीट चौड़ा सहस्र शिवलिंग स्थापित किया गया। यह शिवलिंग आकार और शिल्प दोनों दृष्टि से विश्व में अद्वितीय माना जा रहा है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता इस आयोजन में शामिल हुए। सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसे सनातन संस्कृति के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रदेश की आस्था और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देगा।

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