केन विलियम्सन से बहुत आगे हैं ‘विराट’

टीम इंडिया को 18 जून से न्यूजीलैंड के खिलाफ साउथैम्पटन में ICC वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल खेलना है। विराट कोहली और केन विलियम्सन दोनों ही कप्तान अपनी-अपनी टीम को यह पहला खिताब जिताना चाहेंगे। हालांकि दोनों की कप्तानी और बल्लेबाजी की बात करें तो इसमें विराट कहीं न कहीं भारी पड़ते नजर आते हैं।अगर बीते तीन वर्षों की बात करें तो विराट ने अब तक विदेश में 14 में से 5 और विलियम्सन ने 5 में से सिर्फ 1 ही टेस्ट जीता है। इस मामले में इंग्लैंड के कप्तान जो रूट 18 में 10 टेस्ट जीत के साथ टॉप पर हैं। विराट दूसरे और विलियम्सन तीसरे कप्तान हैं। ओवरऑल देखा जाये तो विराट ने अब तक 91 टेस्ट खेले, जिसमें 52.37 की औसत से 7490 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 27 शतक और 25 अर्धशतक भी जड़े। उनका बेस्ट स्कोर नाबाद 254 रन है। बतौर कप्तान कोहली ने अब तक 60 टेस्ट में 58.60 की औसत से 5392 रन बनाए। इस दौरान 20 शतक और 15 अर्धशतक लगाए।वहीं, विलियम्सन ने 84 टेस्ट खेले, जिसमें 53.60 की औसत से 7129 रन जड़े। इस दौरान उन्होंने 24 सेंचुरी और 32 फिफ्टी भी लगाईं। उनका बेस्ट स्कोर 251 रन है। बतौर कप्तान विलियम्सन ने 36 टेस्ट में 60.62 की औसत से 3092 रन बनाए। इस दौरान 11 शतक और 13 अर्धशतक लगाए।

बड़ी टीमों के सामने फ़ैल हैं विलियम्सन-
अब अगर न्यूजलैंड कप्तान केन विलियमसन को देखा जाए तो वे टॉप की टीमों के सामने संघर्ष करते हैं. भारत में सात टेस्ट में वे 461 रन बना सके हैं. साथ ही इंग्लैंड में उनके नाम चार टेस्ट में 247 रन ही है. यहां उनका औसत 30.87 का है. वहीं दक्षिण अफ्रीका में वे सात पारियों में 127 रन बना सके हैं. भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड जैसे देशों में उनके नाम 22 टेस्ट में 34.8 की औसत से 1392 रन ही हैं. हालांकि न्यूजीलैंड की जीत वाले टेस्ट में उनका योगदान बड़ा होता है. केन विलियमसन ने न्यूजीलैंड के जीते 36 मैचों में 78.29 की औसत से 3993 रन बनाए हैं. टेस्ट क्रिकेट में जीते हुए मैचों में उनकी औसत डॉन ब्रेडमैन और स्टीव स्मिथ के बाद सबसे ज्यादा है.

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