वाराणसी टू हावड़ा बुलेट ट्रेन वाया बिहार-झारखंड, स्पीड 350 किमी/घंटे, जानें क्या है रूट

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गति से प्रगति की राह को मूल आधार बनाते हुए केंद्र सरकार की बिहार-झारखंड के लिए कई प्रकार के लिए ढांचागत निर्माण पर बल दिया जा रहा है. कनेक्टिविटी के जरिए विकास की गति को तेज करने के लिए इन दोनों ही राज्यों से होकर बुलेट ट्रेन चलाने की योजना पर भी काम हो रहा है. भारतीय रेल ने आमलोगों और व्‍यवसायियों की मांग पर ध्‍यान देते हुए अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट की घोषणा के बाद बिहार-झारखंड में भी बुलेट ट्रेन चलाने की मांग पर अपनी तैयारी शुरू कर दी है. इसके तहत वाराणसी से हावड़ा के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की प्लानिंग है. हालांकि, यह अभी तय नहीं है कि यह रूट वाया पटना होगी या गया-धनबाद. लेकिन, यह तय है कि इसके लिए नई पटरी बिछाई जाएगी. इसके लिए सर्वे किया जा रहा है.

मिली जानकारी के अनुसार इसके लिए संभावित रेल रूट वाराणसी से हावड़ा तक नई रेलवे लाइन के लिए सर्वे किया जा रहा है. सर्वे के दौरान लोकेशन, भूखंड की उपलब्धता, प्रभावित होने वाले गांव और लाभान्वित होने वाले गांवों को चिन्हित करने का कार्य जारी है. सर्वे रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

गिरिडीह के बगोदर इलाके में सर्वे कार्य पूरा कर लिया है और कोडरमा, धनबाद, हजारीबाग समेत ट्रेन के गुजरने वाले कई इलाके में सर्वे किया जा रहा है. गौरतलब है कि वाराणसी-हावड़ा बुलेट ट्रेन रूट यूपी के मुगलसराय के आगे बिहार में सासाराम, गया, होते हुए झारखंड के कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह और धनबाद होते हुए पश्चिम बंगाल में हावड़ा के लिए निकल जाएगी.

हालांकि, अभी फाइनल प्रस्ताव नहीं आया है, लेकिन बिहार के दूसरे रूट से भी वाराणसी-हावड़ा बुलेट ट्रेन गुजारने की बात पर विचार जारी है. इसे राजधानी पटना से जोड़े जाने का प्रस्ताव है. इस प्रस्ताव के अनुसार बुलेट ट्रेन बिहार के 5 शहरों से होकर गुजरेगी. बिहार के 5 और झारखंड के 4 शहरों में बुलेट ट्रेन के ठहराव के लिए स्‍टेशन भी बनाए जा सकते हैं. बुलेट ट्रेन बिहार के बक्‍सर, आरा, पटना, बिहारशरीफ और नवादा से होकर गुजरेगी. वहीं, झारखंड में कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह और धनबाद से गुजरेगी.

इसके साथ ही इस योजना पर भी विचार किया जा रहा है कि बुलेट ट्रेन के रुट को झारखंड के पारसनाथ से गुजारा जाए. बता दें कि पारसनाथ में विश्व प्रसिद्ध जैन तीर्थस्थल है. यहां देश-दुनिया से जैन धर्म के लोग आते हैं. नई बुलेट ट्रेन रूट के लिए पटरी पारसनाथ के आसपास से गुजरेगी. इसे ध्यान में रखकर भी सर्वे किया जा रहा है. पारसनाथ से बुलेट ट्रेन रूट को कनेक्ट करने पर रेलवे को काफी पैसेंजर मिल सकते हैं.

गौरतलब है कि बुलेट ट्रेन से कई घंटों की यात्रा कुछ घंटों में ही पूरी की जा सकेगी. वाराणसी-हावड़ा बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट के तहत 760 किलोमीटर लंबी हाई स्‍पीड रेलवे ट्रैक होने की बात बताई जा रहा है. इस रूट पर बुलेट ट्रेन वाराणसी, पटना, बर्द्धमान होते हुए हावड़ा तक जाएगी. बुलेट ट्रेन बक्‍सर, आरा, पटना, बिहारशरीफ और नवादा से होकर गुजरेगी. यहां पर बुलेट ट्रेन के ठहराव की भी संभावना है. हालांकि, अभी यह तय नहीं किया गया है. यही स्थिति झारखंड के को लेकर भी है और स्टॉपेज के बारे में अभी कुछ भी तय नहीं है. नेशनल हाई स्‍पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड विस्‍तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है.

बता दें कि कोलकाता, पटना और वाराणसी के व्‍यवसायियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्‍ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट को पटना तक विस्‍तार देने की मांग की थी. इस प्रोजेक्‍ट का काम पहले पूरा होने की उम्‍मीद है. बिहार चैंबर आफ कॉमर्स का कहना है कि बुलेट ट्रेन से पटना को जल्‍दी जोड़ने का फायदा बड़ी आबादी को होगा. इससे राज्‍य में व्‍यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.

वाराणसी-हावड़ा बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट के तहत बिहार की राजधानी सहित कई शहरों को इसमें शामिल करने का फैसला किया गया है. मिली जानकारी के अनुसार वाराणसी-हावड़ा हाई स्‍पीड रेल नेटवर्क के लिए सर्वे का काम टीला कंसल्टेंट्स एंड कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड और मोनार्क सर्वेयर्स एंड इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के कंसोर्टियम को सौंपा गया है. बहरहाल, अब सबको इंतजार इस बात का है कि आखिर वाराणसी- हावड़ा बुलेट रूट का फाइनल रूट आखिर क्या तय होता है.

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